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दाई निलंबित, डाक्टर-नर्स पर कार्रवाई की संस्तुति
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:11 AM IST
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सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह पर 18 अक्तूबर की रात डिलेवरी के दौरान हुई तीन नवजातों की मौत के मामले में स्वास्थ्य निदेशक आजमगढ़ डा. निरंकार सिंह तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके सिंह ने डाक्टर, नर्स और दाई तीनों का दोषी पाया है।
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सीएमओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बुधवार को दाई कमलावती को निलंबित कर दिया और चिकित्सा अधीक्षक, डाक्टर और नर्स पर कार्रवाई करने की संतुति रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह पर 18 अक्तूबर की रात बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के बकवां गांव निवासी उमेश राजभर ने अपनी पत्नी सुभावती भर्ती कराया था। इसके बाद आमदौर निवासी संजीत वर्मा अपनी पत्नी सुनीता देवी तथा छोटकी सेरिया निवासी शंकर तुरहा ने अपनी पत्नी बबली को डिलेवरी के लिए यहां भर्ती कराया था।
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तीनों महिलाओं का प्रसव जमीन पर कराने और घोर लापरवाही बरतने की वजह से तीनों के नवजात शिशुओं की एक के बाद एक मौत हो गई थी। इस घटना की सूचना पर अगले दिन सुबह मौके पर पहुंचे नगर अध्यक्ष सुनील सिंह बब्लू और पीडि़ता के परिवारीजनों ने सीएचसी के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले में अगले दिन अधिकारी द्वय एडी आजमगढ़ डा. निरंकार सिंह एवं सीएमओ डा. पीके सिंह ने दाई कमलावती को निलंबित करते हुए अन्य दोषियों सीएचसी अधीक्षक डा. एसके तिवारी, ड्यूटी डाक्टर पीपी सिंह और स्टाफ नर्स रंभा सिंह के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी है।