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सिलिंडर फटा, पांच परिवारों की एक दर्जन झोपड़ियां जलीं
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सिकंदरपुर। थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिसोटार के हरदिया पुरवे में रसोई गैस सिलिंडर आग लगने के बाद फट गया। घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर तक तेज आवाज के साथ सिलिंडर के टुकड़े गिरे। इससे आसपास की झोपड़ियों में आग लग गई। पांच परिवारों की एक दर्जन झोपड़ियां कुछ ही देर में राख हो गईं। उसमें रखा लाखों का सामान जल गया। आग बुझाने के प्रयास में सास और बहू झुलस गई हैं।
मार्कंडेय बिंद की पत्नी शोभा देवी (35) शुक्रवार की रात गैस चूल्हे पर खाना बनाने के जैसे ही उसने गैस जलाई सिलिंडर में आग लग गई। सिलिंडर से उठी आग की लपटों ने झोपड़ी को जद में ले लिया। आग बुझाने के प्रयास में शोभा देवी और उनकी सास परमेश्वरी देवी (60) बुरी तरह झुलस गई। उन्हें समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया। आग ने कुछ ही देर में आसपास की11 रिहायशी झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। इसी बीच सिलिंडर फट गया। उके टुकड़े 100 मीटर दूर जाकर गिरे। इससे अफरातफरी मच गई। आग बुझाने का प्रयास कर रहे लोग सहम गए। बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा गा। ग्रामीणों के अथक प्रयास से काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका।
खुले आसमान के नीचे अग्निपीड़ित
मार्कंडेय की दो झोपड़ियां, 25 हजार नगद, सोने व चांदी के आभूषण, 11 क्विंटल गेहूं व पांच क्विंटल चावल जल गया। उसके छोटे भाई गोविंद की एक झोपड़ी रखे फ्रीज, कूलर, बाक्स, 15 क्विंटल राशन व आभूषण जल गए। रामभजन बिंद की दो झोपड़ियां, दिनेश बिंद एक झोपड़ी, बाइक, साइकिल व भूसा, शिवजी बिंद की एक झोपड़ी व 10 क्विंटल गेहूं, किरण बिंद की दो झोपड़ी, 40 हजार रुपये, आभूषण व 12 क्विंटल अनाज, विकल की एक झोपड़ी व राजनाथ बिंद एक झोपड़ी तथा आठ कुंतल अनाज आदि जल गए। चार मुर्गे, दो खरगोश जल गए। सभी परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। ग्राम प्रधान तारीक अजीज ने पीड़ित परिवारों को राशन व अन्य जरूरी सामान मुहैया कराने का भरोसा दिया है।
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मार्कंडेय बिंद की पत्नी शोभा देवी (35) शुक्रवार की रात गैस चूल्हे पर खाना बनाने के जैसे ही उसने गैस जलाई सिलिंडर में आग लग गई। सिलिंडर से उठी आग की लपटों ने झोपड़ी को जद में ले लिया। आग बुझाने के प्रयास में शोभा देवी और उनकी सास परमेश्वरी देवी (60) बुरी तरह झुलस गई। उन्हें समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया। आग ने कुछ ही देर में आसपास की11 रिहायशी झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। इसी बीच सिलिंडर फट गया। उके टुकड़े 100 मीटर दूर जाकर गिरे। इससे अफरातफरी मच गई। आग बुझाने का प्रयास कर रहे लोग सहम गए। बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा गा। ग्रामीणों के अथक प्रयास से काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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खुले आसमान के नीचे अग्निपीड़ित
मार्कंडेय की दो झोपड़ियां, 25 हजार नगद, सोने व चांदी के आभूषण, 11 क्विंटल गेहूं व पांच क्विंटल चावल जल गया। उसके छोटे भाई गोविंद की एक झोपड़ी रखे फ्रीज, कूलर, बाक्स, 15 क्विंटल राशन व आभूषण जल गए। रामभजन बिंद की दो झोपड़ियां, दिनेश बिंद एक झोपड़ी, बाइक, साइकिल व भूसा, शिवजी बिंद की एक झोपड़ी व 10 क्विंटल गेहूं, किरण बिंद की दो झोपड़ी, 40 हजार रुपये, आभूषण व 12 क्विंटल अनाज, विकल की एक झोपड़ी व राजनाथ बिंद एक झोपड़ी तथा आठ कुंतल अनाज आदि जल गए। चार मुर्गे, दो खरगोश जल गए। सभी परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। ग्राम प्रधान तारीक अजीज ने पीड़ित परिवारों को राशन व अन्य जरूरी सामान मुहैया कराने का भरोसा दिया है।
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