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सीआरपीएफ जवान का शव पहुंचा पैतृक गांव...

Tue, 30 Jul 2019 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 11:27 PM IST
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CRPF reached the body of the jawan, weeds
जवान के शव के पास रोते बिलखते परिवार के सदस्य। - फोटो : BALLIA
सिकन्दरपुर। सीआरपीएफ जवान सुरेंद्र राम का पार्थिव शरीर सोमवार की देर रात पैतृक गांव सिकंदरपुर पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। जवान के पुत्र सत्यम, पुत्री पिंकी और धर्मपत्नी लक्ष्मीना देवी समेत परिवार के सदस्य फफक कर रोने लगे। उनकी दशा को देख हर-एक की आंखें नम हो गईं। मंगलवार की सुबह मंगलवार की सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को विदाई दी। इसके पुत्र बेटे सत्यम ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
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बीते रविवार को सीआरपीएफ के जवान इंस्पेक्टर सुरेंद्र राम को ड्यूटी के दौरान पैर में तेज दर्द व तेज बुखार आ गया। इसकी सूचना सुरेंद्र राम ने तत्काल अपने उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद आनन-फानन में सीआरपीएफ के जवानों ने उसे सेना के एक हॉस्पिटल में पहुंचाया जहां पर इलाज के दौरान हार्ड अटैक होने से सुरेंद्र राम की मृत्यु हो गई थी। इसकी जानकारी होने पर गांव में मातम पसर गया था। परिवार के लोग जवान का पार्थिव शरीर आने की प्रतीक्षा में थे। सोमवार की देर रात सीआरपीएफ के जवान सुरेंद्र राम का पार्थिव शरीर लेकर आए तो उनका अंतिम दर्शन करने के लिए गांव के लोग उमड़ पड़े। सारी रात लोग सुरेंद्र के दरवाजे पर मौजूद रहे। मंगलवार की सुबह पार्थिव शरीर को गांव स्थित श्मशाम घाट पर ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंत्येष्टि से पहले सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। सुरेंद्र ने वर्ष 1987 मे सीआरपीएफ ज्वाइन किया था, और वे अरुणांचल प्रदेश मे बटालियन जी-152 मे तैनात थे, अभी पिछले महीने ही छुट्टी पर 10 जून को घर आए थे। 13 जुलाई को ड्यूटी ज्वाइन करने अपने घर से अरुणांचल प्रदेश के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्राम वासियों ने भी नम आंखों से मृतक जवान को आखिरी विदाई दी।
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सुरेंद्र राम के तीसरे नंबर के भाई सूरज भी सीआरपीएफ में थे। सन 2010 मे दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में वह शहीद हो गए थे। नक्सलियों ने सूरज कुमार के वैन पर बम फेंक दिया था।
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