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Ballia News: ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बढ़ी भीड़
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बलिया। यूपी पुलिस में भर्ती की घोषणा के साथ ही ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने की डिमांड भी बढ़ गई है। ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर तहसीलों में बैठे कुछ बाहरी लोगों पर युवकों से 1000 से 1500 रुपये वसूलने का आरोप लग रहे हैं। इसमें तहसील कर्मचारियों की भी मिलीभगत बताई जा रही है। सुविधा शुल्क नहीं देने वालों को तहसील के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
जनपद बलिया में सदर, बैरिया, बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरा रोड और रसड़ा तहसील हैं। प्रतिदिन इन तहसीलों में 1500 से लेकर 2000 ईडब्ल्यूएस सहित आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन आ रहे हैं। पुलिस भर्ती शुरू होने की घोषणा के साथ ही यहां प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ बढ़ गई है। आरोप है कि तहसीलों में कतिपय लोगों द्वारा वसूली ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए की जा रही है। रुपये नहीं देने वालों को 10 से 15 दिन तक चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तहसील परिसर में लेखपालों के बैठने के लिए बने कमरे में प्राइवेट युवक ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के नाम पर जमकर वसूली कर रहे हैं। उससे भी प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर 1400 रुपये वसूले गए।
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कुछ कर्मचारियों ने बैठा रखे हैं प्राइवेट युवक
काफी समय से जनपद की छह तहसीलों में लेखपालों की कमी चल रही है। ऐसे में एक लेखपाल पर छह से आठ गांव की जिम्मेदारी है। जिन्हें विवादित भूमि शिकायत का निस्तारण, रिपोर्ट, कुरेबंदी, पैमाइश सहित अन्य काम करने होते हैं। इसके अलावा चुनाव के समय तमाम सर्वे भी करने पड़ते हैं। इसलिए कुछ लेखपालों ने अपने क्वार्टर में प्राइवेट युवक बैठा रखे हैं, ताकि आय, जाति, निवास सहित अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वाले लोगों को दिक्कतें न हो। इसका फायदा उठाकर ये यवुक प्रमाणपत्र बनवाने वालों से जमकर अवैध वसूली का खेल कर रहे हैं।
यूपी पुलिस की भर्ती के साथ ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने की संख्या बढ़ गई है। हमारा प्रयास तीन दिन के अंदर तहसील में आए प्रमाणपत्रों को बनवाने का रहता है। आवेदक बाहरी युवक व दलालों से सावधान रहें और किसी के चक्कर में न आए। यदि अवैध वसूली का कोई मामला है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
आत्रेय मिश्रा, एसडीएम सदर।
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जनपद बलिया में सदर, बैरिया, बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरा रोड और रसड़ा तहसील हैं। प्रतिदिन इन तहसीलों में 1500 से लेकर 2000 ईडब्ल्यूएस सहित आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन आ रहे हैं। पुलिस भर्ती शुरू होने की घोषणा के साथ ही यहां प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ बढ़ गई है। आरोप है कि तहसीलों में कतिपय लोगों द्वारा वसूली ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए की जा रही है। रुपये नहीं देने वालों को 10 से 15 दिन तक चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
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एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तहसील परिसर में लेखपालों के बैठने के लिए बने कमरे में प्राइवेट युवक ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के नाम पर जमकर वसूली कर रहे हैं। उससे भी प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर 1400 रुपये वसूले गए।
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कुछ कर्मचारियों ने बैठा रखे हैं प्राइवेट युवक
काफी समय से जनपद की छह तहसीलों में लेखपालों की कमी चल रही है। ऐसे में एक लेखपाल पर छह से आठ गांव की जिम्मेदारी है। जिन्हें विवादित भूमि शिकायत का निस्तारण, रिपोर्ट, कुरेबंदी, पैमाइश सहित अन्य काम करने होते हैं। इसके अलावा चुनाव के समय तमाम सर्वे भी करने पड़ते हैं। इसलिए कुछ लेखपालों ने अपने क्वार्टर में प्राइवेट युवक बैठा रखे हैं, ताकि आय, जाति, निवास सहित अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वाले लोगों को दिक्कतें न हो। इसका फायदा उठाकर ये यवुक प्रमाणपत्र बनवाने वालों से जमकर अवैध वसूली का खेल कर रहे हैं।
यूपी पुलिस की भर्ती के साथ ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने की संख्या बढ़ गई है। हमारा प्रयास तीन दिन के अंदर तहसील में आए प्रमाणपत्रों को बनवाने का रहता है। आवेदक बाहरी युवक व दलालों से सावधान रहें और किसी के चक्कर में न आए। यदि अवैध वसूली का कोई मामला है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
आत्रेय मिश्रा, एसडीएम सदर।