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बर्बाद हो गई फसल, दिलवाएं मुआवजा

Mon, 06 Apr 2015 10:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Mon, 06 Apr 2015 10:55 PM IST
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Crop was destroyed , Dilwaan compensation
सोमवार को बेलहरी ब्लाक के किसानों का एक जत्था अपनी समस्या लेकर डीएम के पास पहुंचा। मौसम की मार के चलते बर्बाद हुई फसल पर मुआवजा दिलवाने की मांग की। बताया कि क्षेत्र में आंधी-बारिश के चलते सब कुछ तबाह हो गया है। गेहूं, दलहनी, तिलहनी फसलें ही नहीं सब्जियों की खेती भी खराब हो गई है।
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रेपुरा निवासी अविनाश राय के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। कहा कि मौसम की मार से इस सीजन में किसान नहीं उबर सकते। अगर कुछ मुआवजा मिल जाएगा तो इससे सहारा मिलेगा। इस दौरान किसानों ने बिजली की समस्या भी बताई।
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कहा कि बिजली की भारी कटौती भी सब्जियों के खेती में बाधक बनी हुई है। इससे निजात दिलाने की मांग की। इस मौके पर दीपक यादव, विवेक वर्मा, लल्टू सिंह, न्यायमुल हक अंसारी, रजल पांडेय आदि लोग रहे।
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खेजुरी प्रतिनिधि के अनुसार
मौसम की बेरुखी से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। एक तो किसान पहले ही सूखे की मार झेल रहे थे। दूसरी तरफ रबी की फसल भी बारिश की भेंट चढ़ गई है। किसानों की माली हालत बिगड़ती जा रही है। शनिवार और रविवार को बारिश की वजह से कटी तथा खड़ी फसल खेतों में ही सड़ने लगी है। किसानों ने कर्ज माफ करने और मुआवजे की मांग की है।

किसान एक तरफ फसल बर्बाद देख माथा पिट रहे हैं। दूसरी तरफ घर में शादी जैसे आयोजनों को लेकर कलेजा बैठा जा रहा है। क्षेत्र के किसान रामप्रवेश सिंह ने कहा कि आज तक इस मौसम से इतना अधिक नुकसान कभी नहीं हुआ था। ऐसे में किसानों का सारा कर्ज सरकार को माफ करना चाहिए।

ताकि किसान आजीविका चला सकें। खेजुरी निवासी किसान गजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की तो बारिश और आंधी की वजह से सारी फसलें चौपट हो गई हैं। मजदूर भी फसल को काटने से कतरा रहे हैं। कहा कि किसानों को सरकार तत्काल प्रभाव से मुआवजा और कर्ज माफी की घोषणा करनी चाहिए।


किसान दीवान यादव ने कहा कि एक बीघे रबी की खेती के लिए किसान आठ से दस हजार रुपये खर्च करते हैं लेकिन इंद्रदेव के प्रकोप से इस बार लागत मूल्य तो दूर घर में खाने के लिए भी लाले पड़ गए हैं। उन्होंने किसानों को दस हजार रुपये बीघे की दर से मुआवजा तथा किसान क्रेडिट पर लिए गए कर्ज को माफ करने की मांग की।
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