बलिया। कोरोना की वजह से दो वर्ष बाद अपने पुराने स्वरुप में लग रहे ददरी मेला में आए सर्कस के लिए नगर पालिका प्रशासन ने गिली व दलदली भूमि आंवटित की है, जिससे सर्कस संचालकों के होश उड़ गए है। उन्हें यह नहीं सूझ रहा कि कैसे वह सर्कस के लिए आवश्यक ढांचागत कार्य संपन्न करें। क्योंकि जहां मुख्य स्टेज बनना है, वहां की भूमि दलदली और गड्डानुमा है। इसकी शिकायत सर्कस संचालकों ने नगर पालिका के चेयरमैन से की है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिलीं है। जिससे सर्कस के लिए टेंट व तंबू लगाने का कार्य अभी तक शुरु नहीं हो सका हैं। वहीं, नगर पालिका के चेयरमैन को अजय कुमार का कहना है कि गड्ढ़ा व दलदली भूमि को शीघ्र ही समतल कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए है।
उधर, ददरी मेला के मीना बाजार में कारोबारियों आने से चहल-पहल बढ़ गई है। मीना बाजार में झूला, चरखी, ड्रैगन झूला, मिकी माउस आदि के संचालक ट्रकों से लादकर सामान मेला में पहुंच रहे है और उसे व्यवस्थित करने का कार्य आरंभ कर दिया है। इसके अलावा मीना बाजार में फास्ट फूड, खाजा, मिठाई, जलेबी और अन्य सामानों के विक्रेता भी धीरे-धीरे पहुंच रहे है। रविवार को औरया से आएं फास्ट फूड कारोबारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि ददरी मेला की क्ष्याति को सुन वह पहली बार मेला में आए है। उन्हें मेला में अच्छे व्यवसाय की उम्मीद है। इधर, ददरी मेला के नंदीग्राम से रविवार को करीब 86 हजार 950 रुपये की आय हुई है। पशु बाजार से नपा अब तक 8 लाख 88 हजार 220 की आय हुई है।