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धान खरीद को लेकर गहराया संकट, 30 क्रय केंद्र हुए बंद

Wed, 05 Jan 2022 06:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 06:51 PM IST
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Crisis deepens over paddy purchase, 30 purchasing centers closed
बलिया। जिले में धान खरीद व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। धान खरीद को लेकर संकट गहरा गया है। संचालित कुल 75 में से 30 क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। दो माह बाद अभी तक जिले में पंजीकृत 17113 के सापेक्ष 6667 किसानों से कुल 38580 मी. टन धान की खरीद हो सकी है। किसान धान बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं क्योंकि जो केंद्र चल रहे हैं वहां भीड़ बढ़ गई है। उधर, क्रय केंद्रों पर हाईब्रिड धानों की खरीद बंद कर दी गई है, इसके चलते किसान इन धानों को औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं।
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किसानों से धान खरीदने के लिए एक नवंबर से विभिन्न संस्थाओं के कुल 80 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। कुल 124400 मी. टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। हालांकि इस वर्ष बारिश व जलभराव के कारण धान की कटाई विलंब से होने के कारण क्रय केंद्रों पर सन्नाटा रहा । लेकिन जब किसानों के धान तैयार हुए तो क्रय केंद्रों पर मनमानी शुरू हो गई। शुरुआती दौर में ही पांच क्रय किन्हीं कारणों से बंद हो गए। 75 क्रय केंद्र लड़खड़ाते हुए चले और दो माह बाद अब तक धीरे-धीरे 30 क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। इसमें किसान उत्पादक संगठन तथा पंजीकृत समितियों के केंद्र हैं जो 70 फीसदी किसानों का भुगतान समय से नहीं कर सके। अब इन क्षेत्रों के किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। बताया जाता है कि खरीद के बाद इन एजेंसियों की ओर से अधिकांश किसानों का भुगतान नहीं किया गया लिहाजा शासन स्तर से इन पर रोक लगा दी गई। इसमें वर्तमान में महज 45 क्रय केंद्र ही संचालित हो रहे हैं।
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बैरिया। हाईब्रिड धान का उत्पादन किसानों के लिए गले का फांस बन चुका है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर इसकी खरीद रोक दी गई है। अधिक उत्पादन के लिए सुरेमनपुर दियराचल के किसानों ने हाईब्रिड धान का पैदावार किया है। रानीगंज क्रय केंद्र के प्रभारी की मानें तो लक्ष्य के 35 प्रतिशत ही हाईब्रिड धान खरीदना है जो खरीदा जा चुका है। ऐसे में किसानों ने पंजीकरण तो करा लिया है लेकिन उनका हाईब्रिड धान सत्यापन के बाद भी शासनादेश का हवाला देकर केंद्र प्रभारी ने खरीदने से मना कर दिया है। जिससे परेशान किसान कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कुछ परेशान किसानों ने विधायक सुरेन्द्र सिंह से गुहार लगाई थी। विधायक ने इस बाबत संबंधित अधिकारियों से बात भी की थी बावजूद इसके हाईब्रिड धान की खरीदारी शुरू नहीं हो पाई है। किसानों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि उनका धान खरीदने के लिए संबंधित केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया जाए। कई किसानों ने बताया कि एक पखवाड़ा पूर्व धान खरीद के लिए टोकेन सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन दो दिन में टोकेन प्रक्रिया निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अपना सत्यापित पत्रावली केंद्र प्रभारी को जमा दे चुके हैं। लेकिन एक बार फिर केंद्र प्रभारी किसानों से टोकेन लाने को कह रहे है। इस बाबत केंद्र प्रभारी रतनाम कृष्णनम ने कहा हाईब्रिड धान 35 प्रतिशत खरीदना था अब नहीं लिया जाएगा। एक बार फिर टोकेन सिस्टम लागू है। टोकेन के बाद धान खरीद की जाएगी।
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एफपीओ व पंजीकृति समितियों के सभी 30 क्रय केंद्रों की खरीद पर शासन से रोक लगा दी गई है। इन केंद्रों पर खरीद के सापेक्ष 70 फीसदी किसानों को भुगतान नहीं किया गया था। अब 45 क्रय केंद्र संचालित हैं। किसान आसपास के केंद्रों पर धान की बिक्री कर सकते हैँ।
- अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया
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