{"_id":"575049964f1c1b6a79109519","slug":"rice-mill-me-patte-me-fansa-majdoor","type":"story","status":"publish","title_hn":"राइस मिल में पट्टे में फंसकर मजदूर की मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राइस मिल में पट्टे में फंसकर मजदूर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Thu, 02 Jun 2016 08:28 PM IST
विज्ञापन
accident
- फोटो : graphic
नगर पंचायत के रेवती-बैरिया मार्ग स्थित राइस मिल में पट्टे की चपेट में आने से गुरुवार की सुबह एक मजदूर की मौत हो गई। परिजनों ने शव को राइस मिल के सामने रख मुआवजे की मांग शुरू कर दी।
लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद राइस मिल मालिक द्वारा दो लाख रुपये तथा मजदूर के परिवार के लिए बच्चों के बालिग होने तक राशन देने के वादे के बाद मामले का समझौता हुआ। पुलिस ने शव को पोसटमार्टम के लिए भेज दिया।
रेवती-बैरिया मार्ग पर स्थित राइस मिल पर शिवजी गोंड (35) काम करता था। गुरुवार की सुबह पांच बजे के करीब वह अपने घर भटवलिया से चला। करीब आधे घंटे बाद ही काम करने के दौरान मिल के पट्टे में फंसकर उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
इसकी सूचना मिलने पर परिवारवाले रोते-बिलखते उसका शव लेकर घर चले गए। बाद में परिजनों को पता चला कि शिवजी की मौत राइस मिल के पट्टे से हुई है तो परिवारीजनों तथा सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शव को लेकर राइस मिल के सामने रख दिया तथा मुआवजे की मांग करने लगे।
सूचना पर एसआई सर्वेंद्र राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी समझाया-बुझाया, लेकिन लोग नहीं माने। कुछ देर के बाद भटवलिया से एडवोकेट देवेंद्र नाथ मिश्र, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय शंकर पांडेय कनक, पूर्व प्रधान विशुनपुरा उदयशंकर पांडेय आदि लोगों ने मध्यस्थता करते हुए मिल मालिक अशोक केशरी से मामला तय किया।
मिल मालिक ने मृतक आश्रितों को दो लाख रुपये नकद तथा बच्चों के बालिग होने तक राशन देने का लिखित वादा किया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा।
विज्ञापन
लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद राइस मिल मालिक द्वारा दो लाख रुपये तथा मजदूर के परिवार के लिए बच्चों के बालिग होने तक राशन देने के वादे के बाद मामले का समझौता हुआ। पुलिस ने शव को पोसटमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
रेवती-बैरिया मार्ग पर स्थित राइस मिल पर शिवजी गोंड (35) काम करता था। गुरुवार की सुबह पांच बजे के करीब वह अपने घर भटवलिया से चला। करीब आधे घंटे बाद ही काम करने के दौरान मिल के पट्टे में फंसकर उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
इसकी सूचना मिलने पर परिवारवाले रोते-बिलखते उसका शव लेकर घर चले गए। बाद में परिजनों को पता चला कि शिवजी की मौत राइस मिल के पट्टे से हुई है तो परिवारीजनों तथा सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शव को लेकर राइस मिल के सामने रख दिया तथा मुआवजे की मांग करने लगे।
सूचना पर एसआई सर्वेंद्र राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी समझाया-बुझाया, लेकिन लोग नहीं माने। कुछ देर के बाद भटवलिया से एडवोकेट देवेंद्र नाथ मिश्र, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय शंकर पांडेय कनक, पूर्व प्रधान विशुनपुरा उदयशंकर पांडेय आदि लोगों ने मध्यस्थता करते हुए मिल मालिक अशोक केशरी से मामला तय किया।
मिल मालिक ने मृतक आश्रितों को दो लाख रुपये नकद तथा बच्चों के बालिग होने तक राशन देने का लिखित वादा किया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा।