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घरवालों को बंधक बना डकैती
ballia
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:13 PM IST
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जयप्रकाशनगर। बैरिया थाना क्षेत्र के जयप्रकाशनगर के बिंद टोला में मंगलवार की देर रात बारह डकैतों ने धावा बोल तीन घरों के सदस्यों को बंधक बनाते हुए लूटपाट की। विरोध करने पर डकैतों ने महिलाओं को मारपीट कर घायल कर दिया और गहने, नगदी आदि समेट ले गए। सूचना के एक घंटे बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन डकैतों का कोई सुराग नहीं लगा।
बैरिया सीओ त्रयम्बक नाथ दुबे ने बताया कि पीड़ित के तहरीर पर अज्ञात डकैतों के विरुद्ध लूट समेत अन्य धाराओं में मुुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन में पुलिस जुट गई है।
बिंद टोला निवासी शिवमुनी प्रसाद, श्रीभगवान प्रसाद और शिवकुमार प्रसाद के घर सभी लोग रात में सोए थे। रात करीब साढ़े 11 बजे हथियार से लैस करीब 12 डकैतों ने इनके घर पर धावा बोल दिया। घर के सदस्य शोर मचाते इससे पहले ही डकैतों ने हथियार दिखाकर सभी डराया और सभी के हाथ-पांव बांध दिए।
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डकैतों ने इसके बाद आराम से पूरे घर को खंगाला। डकैतों ने महिलाओं के पहने हुए जेवरात मंगलसूत्र, कान की बाली, नाक के गहनों तक को नहीं छोड़ा। शिवमुनी प्रसाद की पत्नी सुमित्रा देवी ने बताया कि मेरी 13 वर्षीय बेटी पूजा ने जब विरोध किया तो उनलोगों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया। वह अभी भी काफी डरी हुई है।
वहीं श्री भगवान प्रसाद को भी डकैतों ने मारपीट कर घायल कर दिया है। घटना को अंजाम देने के बाद डकैत खेतों के रास्ते भाग निकले। घटना के बाद पीड़ितों ने एक घंटे तक 100 नंबर पर फोन लगाया लेकिन नहीं लगा। काफी देर के बाद 100 नंबर पर बात हुई तो रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक डकैत काफी दूर जा चुके थे। कुछ घंटे बाद जयप्रकाशनगर पुलिस चौकी के सिपाही भी मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी ली।
डेढ़ घंटे तक डकैतों का रहा कब्जा, 100 नंबर संपर्क से बाहर
जयप्रकाश नगर। गांव के बिंद टोला में मंगलवार की देर रात हुई डकैती से जहां परिवार के लोग सहमे हुए हैं वहीं पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस मामले को चोरी का रूप देने के लिए पीड़ितों पर तहरीर बदलने का दबाव बना रही है।
देर रात करीब साढ़े 11 बजे दर्जनभर डकैतों ने धावा बोला और परिजनों को बंधक बनाकर लूटपाट की। पीड़ित शिवमुनी, शिवकुमार और श्रीभगवान की मानें तो डकैतों ने करीब डेढ़ घंटे तक तांडव किया। डकैतों के जाने के बाद किसी तरह 100 नंबर पर फोन मिलाया गया लेकिन वह भी आधा घंटा बाद ही संपर्क हो सका।
बताया कि संपर्क होने के करीब एक घंटे बाद 100 नंबर की पुलिस पहुंची लेकिन डकैतों का कोई सुराग नहीं लगा। बताया कि डकैत खेतों के रास्ते ही भागे थे। सवाल उठता है कि आखिर 100 नंबर पुलिस कहां थी जिसके कारण उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था और संपर्क होने के बाद मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटे लगे।
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बैरिया सीओ त्रयम्बक नाथ दुबे ने बताया कि पीड़ित के तहरीर पर अज्ञात डकैतों के विरुद्ध लूट समेत अन्य धाराओं में मुुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन में पुलिस जुट गई है।
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बिंद टोला निवासी शिवमुनी प्रसाद, श्रीभगवान प्रसाद और शिवकुमार प्रसाद के घर सभी लोग रात में सोए थे। रात करीब साढ़े 11 बजे हथियार से लैस करीब 12 डकैतों ने इनके घर पर धावा बोल दिया। घर के सदस्य शोर मचाते इससे पहले ही डकैतों ने हथियार दिखाकर सभी डराया और सभी के हाथ-पांव बांध दिए।
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डकैतों ने इसके बाद आराम से पूरे घर को खंगाला। डकैतों ने महिलाओं के पहने हुए जेवरात मंगलसूत्र, कान की बाली, नाक के गहनों तक को नहीं छोड़ा। शिवमुनी प्रसाद की पत्नी सुमित्रा देवी ने बताया कि मेरी 13 वर्षीय बेटी पूजा ने जब विरोध किया तो उनलोगों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया। वह अभी भी काफी डरी हुई है।
वहीं श्री भगवान प्रसाद को भी डकैतों ने मारपीट कर घायल कर दिया है। घटना को अंजाम देने के बाद डकैत खेतों के रास्ते भाग निकले। घटना के बाद पीड़ितों ने एक घंटे तक 100 नंबर पर फोन लगाया लेकिन नहीं लगा। काफी देर के बाद 100 नंबर पर बात हुई तो रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक डकैत काफी दूर जा चुके थे। कुछ घंटे बाद जयप्रकाशनगर पुलिस चौकी के सिपाही भी मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी ली।
डेढ़ घंटे तक डकैतों का रहा कब्जा, 100 नंबर संपर्क से बाहर
जयप्रकाश नगर। गांव के बिंद टोला में मंगलवार की देर रात हुई डकैती से जहां परिवार के लोग सहमे हुए हैं वहीं पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस मामले को चोरी का रूप देने के लिए पीड़ितों पर तहरीर बदलने का दबाव बना रही है।
देर रात करीब साढ़े 11 बजे दर्जनभर डकैतों ने धावा बोला और परिजनों को बंधक बनाकर लूटपाट की। पीड़ित शिवमुनी, शिवकुमार और श्रीभगवान की मानें तो डकैतों ने करीब डेढ़ घंटे तक तांडव किया। डकैतों के जाने के बाद किसी तरह 100 नंबर पर फोन मिलाया गया लेकिन वह भी आधा घंटा बाद ही संपर्क हो सका।
बताया कि संपर्क होने के करीब एक घंटे बाद 100 नंबर की पुलिस पहुंची लेकिन डकैतों का कोई सुराग नहीं लगा। बताया कि डकैत खेतों के रास्ते ही भागे थे। सवाल उठता है कि आखिर 100 नंबर पुलिस कहां थी जिसके कारण उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था और संपर्क होने के बाद मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटे लगे।