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बंधक बनाए आरोपी युवक को पुलिस ने रात में ही किया मुक्त
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:28 AM IST
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नगरा। नगरा थाने में डेढ़ माह तक हिरासत में रखे गए दहेज हत्या के आरोपी का मामला प्रकाश में आते ही हड़कंप मच गया। युवक से पुलिस खाना बनवाती थी। रविवार की रात में ही उक्त युवक को मुक्त कर दिया। युवक के घर पहुंचते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं युवक के घर दो बार फोन करके डेढ़ लाख रुपये मांगने वाले सत्ता पक्ष के कार्यकर्ता के प्रति गरम हैं।
जानकारी के मुताबिक, नगरा थाना क्षेत्र के ताड़ीबड़ा गांव (एक भीटिया) गांव में एक विवाहिता ने गले मे फंदा डालकर आत्महत्या कर ली थी। मायके वालों ने कोर्ट के आदेश पर विवाहिता के पति सुनील चौहान व उसके परिजनों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सूत्रों की माने तो दहेज हत्या आरोपित युवक को पुलिस 28 जून को थाने ले आई और तभी से थाने पर हिरासत में रखी हुई थी और युवक से खाना बनाने आदि का काम ले रही थी। जानकारी होते ही पुलिस के आला अफसरों के कान खड़े हुए और युवक को रविवार की देर रात पुलिस थाने से मुक्त कर दिया। इसी बीच युवक के परिजन सत्ता पक्ष के एक कार्यकर्ता से मुलाकात किए और अपनी व्यथा सुनाई। कार्यकर्ता ने मोटी रकम की मांग की और कहा कि रकम मिलने के बाद ही युवक छूट पाएगा। युवक के परिजनों के पास मोटी रकम की व्यवस्था नही हो पाई और तभी से युवक थाने में बंधक था। युवक का आरोप है कि पुलिस सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर मुझे छोड़ी। वहीं नगरा थाने में 11 अगस्त को रसड़ा सीओ के सामने ही पूछताछ हुई थी। इस बाबत सीओ रसड़ा केके सिंह ने बताया कि मेरे सामने थाने में युवक से कोई पूछताछ नही हुई है। यदि कोई लिखित शिकायत आती है तो मैं जांच करूंगा। युवक को थाने में क्यों बैठाया गया था। यह थाने का अधिकारी ही बता सकता है।
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जानकारी के मुताबिक, नगरा थाना क्षेत्र के ताड़ीबड़ा गांव (एक भीटिया) गांव में एक विवाहिता ने गले मे फंदा डालकर आत्महत्या कर ली थी। मायके वालों ने कोर्ट के आदेश पर विवाहिता के पति सुनील चौहान व उसके परिजनों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सूत्रों की माने तो दहेज हत्या आरोपित युवक को पुलिस 28 जून को थाने ले आई और तभी से थाने पर हिरासत में रखी हुई थी और युवक से खाना बनाने आदि का काम ले रही थी। जानकारी होते ही पुलिस के आला अफसरों के कान खड़े हुए और युवक को रविवार की देर रात पुलिस थाने से मुक्त कर दिया। इसी बीच युवक के परिजन सत्ता पक्ष के एक कार्यकर्ता से मुलाकात किए और अपनी व्यथा सुनाई। कार्यकर्ता ने मोटी रकम की मांग की और कहा कि रकम मिलने के बाद ही युवक छूट पाएगा। युवक के परिजनों के पास मोटी रकम की व्यवस्था नही हो पाई और तभी से युवक थाने में बंधक था। युवक का आरोप है कि पुलिस सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर मुझे छोड़ी। वहीं नगरा थाने में 11 अगस्त को रसड़ा सीओ के सामने ही पूछताछ हुई थी। इस बाबत सीओ रसड़ा केके सिंह ने बताया कि मेरे सामने थाने में युवक से कोई पूछताछ नही हुई है। यदि कोई लिखित शिकायत आती है तो मैं जांच करूंगा। युवक को थाने में क्यों बैठाया गया था। यह थाने का अधिकारी ही बता सकता है।
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