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संशोधित - छात्र शक्ति इन्फ्रा. ब्लैक लिस्टेड
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:14 PM IST
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बलिया। जनपद में पहले से आवंटित सड़कों का काम अभी ब्लैक लिस्टेड कंपनी छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड करती रहेगी। हालांकि कैग रिपोर्ट में आने के बाद कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है।
कैग की रिपोर्ट में जनपद की सड़कें अछूती नहीं हैं। करोड़ों खर्च के बाद भी यहां सड़कें दुरुस्त नहीं हो सकीं। छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. यहां करीब एक दर्जन सड़कों का निर्माण कर रही है। बताया जाता है कि जिले में एक दशक के दौरान छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. की ओर से करोड़ों रुपये के कार्य कराए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रांतीय खंड एसडी कन्नौजिया की माने तो बलिया-सोनौली, लखनऊ-बलिया, नगरा-सिकंदरपुर मार्ग का काम तो पूरा हो चुका है लेकिन इसका पूरा एलाटमेंट नहीं मिला है। इसमें पूर्वांचल योजना की भी सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा शहर से ग्रामीण इलाके तक की कई सड़कें हैं। हालांकि शहर में टीडी कालेज चौराहा-मिट्टी का कार्य भी इस फर्म के जिम्मे है जो अभी भी अधूरा है। एक्सईएन ने स्वीकार किया कि सीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. फर्म को विभाग ने काली सूची में डाल दिया है लेकिन इस फर्म को जो पहले से कार्य आवंटित हैं उसे वह पूरा करेगा।
मालूम हो कि जिले की छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. को इलाहाबाद और फतेहपुर में कराए गए कार्य में अनियमितता पाए जाने पर काली सूची में डाला गया है। अधिकारियों की मानें तो बलिया जनपद में भी वर्ष 2011 से 2016 के दौरान बनी सड़कों की जांच हो सकती है।
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इनसेट=
विधायक उमाशंकर सिंह का है गहरा नाता
बलिया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिस छात्र शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को कार्य में अनियमितता के मामले में काली सूची में डाला है। उस फर्म से कभी रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का गहरा नाता रहा है। उन्होंने ही फर्म की शुरुआत की थी, जिसका संचालन वह पहले स्वयं करते थे। लेकिन जब विधायक बने तो खुद को उससे अलग कर लिया था। बताया जाता है कि प्रदेश में बसपा की सरकार के दौरान उक्त फर्म उभरकर सामने आई। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद फर्म द्वारा कराए गए कार्यों की जांच शुरू हो गई है।
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कैग की रिपोर्ट में जनपद की सड़कें अछूती नहीं हैं। करोड़ों खर्च के बाद भी यहां सड़कें दुरुस्त नहीं हो सकीं। छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. यहां करीब एक दर्जन सड़कों का निर्माण कर रही है। बताया जाता है कि जिले में एक दशक के दौरान छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. की ओर से करोड़ों रुपये के कार्य कराए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रांतीय खंड एसडी कन्नौजिया की माने तो बलिया-सोनौली, लखनऊ-बलिया, नगरा-सिकंदरपुर मार्ग का काम तो पूरा हो चुका है लेकिन इसका पूरा एलाटमेंट नहीं मिला है। इसमें पूर्वांचल योजना की भी सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा शहर से ग्रामीण इलाके तक की कई सड़कें हैं। हालांकि शहर में टीडी कालेज चौराहा-मिट्टी का कार्य भी इस फर्म के जिम्मे है जो अभी भी अधूरा है। एक्सईएन ने स्वीकार किया कि सीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. फर्म को विभाग ने काली सूची में डाल दिया है लेकिन इस फर्म को जो पहले से कार्य आवंटित हैं उसे वह पूरा करेगा।
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मालूम हो कि जिले की छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. को इलाहाबाद और फतेहपुर में कराए गए कार्य में अनियमितता पाए जाने पर काली सूची में डाला गया है। अधिकारियों की मानें तो बलिया जनपद में भी वर्ष 2011 से 2016 के दौरान बनी सड़कों की जांच हो सकती है।
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विधायक उमाशंकर सिंह का है गहरा नाता
बलिया। पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिस छात्र शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को कार्य में अनियमितता के मामले में काली सूची में डाला है। उस फर्म से कभी रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का गहरा नाता रहा है। उन्होंने ही फर्म की शुरुआत की थी, जिसका संचालन वह पहले स्वयं करते थे। लेकिन जब विधायक बने तो खुद को उससे अलग कर लिया था। बताया जाता है कि प्रदेश में बसपा की सरकार के दौरान उक्त फर्म उभरकर सामने आई। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद फर्म द्वारा कराए गए कार्यों की जांच शुरू हो गई है।