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डकैत सभी का घर व महिलाओं का नाम जानते थे
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:51 PM IST
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जयप्रकाशनगर(बलिया)। बैरिया थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर बिंद टोला में 27 जून की रात बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर हुई लूटपाट की घटना ने क्षेत्र के आमलोगों में भय पैदा कर दिया है। यह इलाका जितना ही शांत था, अब उतना ही भयावह हो गया है। डकैती कांड की घटना के बाद से पीड़ित महिलाएं अभी भी सहमी हैं। उनका कहना है कि डकैत उन्हें बेइज्जत करने आए थे। वह सबको नाम से भी पहंचानते थे। यहां तक कि वह कहते थे कि वह फलां व्यक्ति का घर है। इससे साफ होता है कि इस घटना में किसी जान-पहचान के व्यक्ति का हाथ है।
क्षेत्र में शराब माफियाओं से लेकर असमाजिक तत्वों का एक बड़ा गैंग तैयार हो चुका है। कई संदिग्ध किस्म के लोग भी यूपी-बिहार की सीमा को अपना कर्म क्षेत्र बना चुके हैं। वह गांव जहां किसी भी तरह को कोई आतंक नहीं था, आज हर जगह कुछ अलग ही शोर सुनाई दे रही है। गांव के लोग भी मानते हैं कि चंद लोग इस की छवि को बिगाड़ना चाहते हैं। कहीं शराबियों के शोर से बाजार गुलजार रहता है तो कहीं दबंगई का बोलबाला हो गया है। इसके अलावा गांव में आधा दर्जन स्थानों पर अवैध शराब की लघु कंपनियां भी चोरी चुपके चलती है। जिसे लोग दबी जुबान बताते है। पुलिस सब जानते हुए भी चुप है। ऐसे परिवेश में सभी का भयभीत होना लाजमी है। गत मंगलवार की घटना यहां के इतिहास की ओर भी इशारा करती प्रतीत हो रही है। गांव के लोगों को तब के दिन भी याद हैं, जब इस क्षेत्र में हर दिन डकैती जैसी वारदातों का जन्म हुआ करता था। अब तो यहां पुलिस चौकी भी है और प्रशासनिक पहरा भी है। इसके बावजूद घंटों बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम देना, पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
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क्षेत्र में शराब माफियाओं से लेकर असमाजिक तत्वों का एक बड़ा गैंग तैयार हो चुका है। कई संदिग्ध किस्म के लोग भी यूपी-बिहार की सीमा को अपना कर्म क्षेत्र बना चुके हैं। वह गांव जहां किसी भी तरह को कोई आतंक नहीं था, आज हर जगह कुछ अलग ही शोर सुनाई दे रही है। गांव के लोग भी मानते हैं कि चंद लोग इस की छवि को बिगाड़ना चाहते हैं। कहीं शराबियों के शोर से बाजार गुलजार रहता है तो कहीं दबंगई का बोलबाला हो गया है। इसके अलावा गांव में आधा दर्जन स्थानों पर अवैध शराब की लघु कंपनियां भी चोरी चुपके चलती है। जिसे लोग दबी जुबान बताते है। पुलिस सब जानते हुए भी चुप है। ऐसे परिवेश में सभी का भयभीत होना लाजमी है। गत मंगलवार की घटना यहां के इतिहास की ओर भी इशारा करती प्रतीत हो रही है। गांव के लोगों को तब के दिन भी याद हैं, जब इस क्षेत्र में हर दिन डकैती जैसी वारदातों का जन्म हुआ करता था। अब तो यहां पुलिस चौकी भी है और प्रशासनिक पहरा भी है। इसके बावजूद घंटों बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम देना, पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
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