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मुंडन संस्कार में आया किशोर गंगा में डूबा

Sat, 08 Jun 2019 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:28 AM IST
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मुंडन संस्कार में आया किशोर गंगा में डूबा
रामगढ़। हल्दी थाना क्षेत्र के हुकुमछपरा गंगाघाट पर शुक्रवार को मुंडन संस्कार में आया किशोर नहाते समय गहरे पानी में चला गया। इसके बाद पल भर में खुशी का माहौल गम में तब्दील हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस नदी में जाल डलवाकर किशोर की तलाश कर की लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस गोताखोर व महाजाल मंगवाने में जुटी है।
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सहतवार थाना क्षेत्र के दतौली निवासी चंद्रभूषण सिंह के लड़के का मुंडन संस्कार की रस्म शुक्रवार को हुकुमछपरा (गंगापुर) गंगाघाट पर होने को आया। इसमें शामिल होने आए गांव के ही अरविंद सिंह का पुत्र हर्ष 17 नहाते वक्त पैर फिसल जाने से गहरे पानी में समा गया। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ क्षण पहले जहां मंगल गीतों के साथ महिलाएं हंसी ठिठोली कर रही थी, घटना के बाद मातम पसर गया। सुबह से ही भीड़ को नियंत्रित कर रहे रामगढ़ चौकी इंचार्ज सरफराज खान ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ ही नदी में छोटे जाल के सहारे युवक को तलाशने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। एसओ हल्दी ने बताया कि महाजाल के साथ ही गोताखोर बुलाए गए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर कुछ देर बाद ही रोते-बिलखते परिजन घटना स्थल पर पंहुच गए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा। मुंडन संस्कार वाले दिन क्षेत्र के तकरीबन हर घाट पर रस्म अदा करने वालों की काफी भीड़ होती है। इसका भरपूर फायदा नाविक उठाने से थोड़ा भी परहेज नहीं करते, वहीं प्रशासन मूक दर्शक बनी रहती है। चंद रुपयों की लालच में नाविक एक ही नाव में पांच-छह ओहार की रस्म अदा करने वालों को नदी पार कराते हैं। जल्दी की चाह में लोग भी पीछे नहीं रहते और खतरे को नजरंदाज करके एक ही नाव पर क्षमता से अधिक बैठते हैं। इससे एक बड़ी नाव दुर्घटना होने के अंदेशा से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
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घाटों पर नहीं दिखे आपदा मित्र
रामगढ़। मुंडन संस्कार के दौरान युवकों व मासूमों के डूबने की आये दिन हो रही घटनाओं को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। बचाव के लिये मुंडन संस्कार वाले प्रत्येक घाट पर मुहूर्त की तिथि पर प्रशिक्षु आपदा मित्रों की तैनाती करने का पांच दिन पहले ही निर्देश भी दिया। बावजूद अभी तक किसी भी घाट पर आपदा मित्र दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम सदर अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि मुंडन संस्कार होने वाले घाटों की सूची एडीएम बलिया को दे दी गयी है, आपदा मित्रों की नियुक्ति उन्हीं को करनी है। डूबने की घटनाओं को लेकर क्षेत्र के रामसेवक पांडेय, बसंत सिन्हा, राजन गुप्ता कौशल पांडेय, परमात्मा पांडेय आदि लोगों ने जिलाधिकारी से इन गंगा घाटों को डेंजर जोन के रूप में चिह्नित करने की मांग की है। साथ ही इन घाटों पर बैरिकेडिंग व जल पुलिस की तैनाती भी करने की मांग की है ताकि़ डूबने की घटनाओं पर लगाम लग सके।
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