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लाखों रुपये लेकर प्राइवेट बैंक फरार
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:11 PM IST
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रसड़ा। श्रीनाथ बाबा रोड स्थित जीप स्टैंड के समीप संचालित एक प्राइवेट बैंक सैकड़ाें खाताधारकों का लाखों रुपये लेकर चंपत हो गया। बैंक के भाग जाने से सैकड़ों परिवार भूखमरी के कगार पर आ गए हैं।
मालूम हो कि कस्बा में आइडोल इंडिया कार्पोरेशन लिमिटेड के नाम से बैंक 12 दिसंबर 2012 को खोला गया था। जिसमें दर्जनों एजेंट कार्यरत थे। डेली मासिक तथा फिक्स डिपाजिट एजेंटों के माध्यम से पैसा जमा कराया जाता था। बैंक द्वारा कुछ समय तक उपभोक्ताओं को समय से भुगतान कर अपनी साख जमा ली। उसके बाद बैंक ने नाम बदल कर यूनिवर्सल माइक्रो क्रेडिट के नाम पर उपभोगताओं से पैसा लेना प्रारम्भ किया। नोटबंदी के दौरान बैंककर्मियों ने खाताधारकों को पैसा नोटबंदी का हवाला देकर हिलाहवाली करना प्रारम्भ कर दिया था। आखिरकार अप्रैल 2017 को ताला लटका कर सभी नौ दो ग्यारह हो गये। बैंक में ताला लटकते देख उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। बैंक एजेंटों से संपर्क करने पर खाताधारकों को आज कल में पैसा मिलने का आश्वासन मिलता रहा।
इनसेट...
पीड़ितों ने डीएम से न्याय की लगाई गुहार
रसड़ा। कस्बा के मद्दू मोहल्ला निवासी शवाना परवीन पत्नी सगीर अहमद 50 रुपया एवं 20 रुपये प्रति दिन खाता में जमा करती थी। इसी मुहल्ला के शबाना खातून पत्नी फैयाज अहमद 20 रुपया तथा महावीर अखाड़ा निवासी चंद्रभान शर्मा छह हजार रुपया का फिक्स डिपाजिट किया था। क्षेत्र के अखनपुरा निवासी मंगरु बारह सौ रुपयं वार्षिक जमा किया था। इसके अलावा सैकड़ों लोगों ने बैंक में रुपये जमा किए थे।
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मालूम हो कि कस्बा में आइडोल इंडिया कार्पोरेशन लिमिटेड के नाम से बैंक 12 दिसंबर 2012 को खोला गया था। जिसमें दर्जनों एजेंट कार्यरत थे। डेली मासिक तथा फिक्स डिपाजिट एजेंटों के माध्यम से पैसा जमा कराया जाता था। बैंक द्वारा कुछ समय तक उपभोक्ताओं को समय से भुगतान कर अपनी साख जमा ली। उसके बाद बैंक ने नाम बदल कर यूनिवर्सल माइक्रो क्रेडिट के नाम पर उपभोगताओं से पैसा लेना प्रारम्भ किया। नोटबंदी के दौरान बैंककर्मियों ने खाताधारकों को पैसा नोटबंदी का हवाला देकर हिलाहवाली करना प्रारम्भ कर दिया था। आखिरकार अप्रैल 2017 को ताला लटका कर सभी नौ दो ग्यारह हो गये। बैंक में ताला लटकते देख उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। बैंक एजेंटों से संपर्क करने पर खाताधारकों को आज कल में पैसा मिलने का आश्वासन मिलता रहा।
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पीड़ितों ने डीएम से न्याय की लगाई गुहार
रसड़ा। कस्बा के मद्दू मोहल्ला निवासी शवाना परवीन पत्नी सगीर अहमद 50 रुपया एवं 20 रुपये प्रति दिन खाता में जमा करती थी। इसी मुहल्ला के शबाना खातून पत्नी फैयाज अहमद 20 रुपया तथा महावीर अखाड़ा निवासी चंद्रभान शर्मा छह हजार रुपया का फिक्स डिपाजिट किया था। क्षेत्र के अखनपुरा निवासी मंगरु बारह सौ रुपयं वार्षिक जमा किया था। इसके अलावा सैकड़ों लोगों ने बैंक में रुपये जमा किए थे।
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