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जहरखुरानी का शिकार यात्री पहुंचा अस्पताल
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बलिया। जहरखुरानी गिरोह ने गुरूवार की शाम को सवारी गाड़ी के एक यात्री को अपना शिकार बनाया। जिससे वह अचेत हो गया। बहुत देर बाद जीआरपी ने अचेत यात्री को सदर अस्पताल पहुंचाया।
अप सवारी गाड़ी 55013 में गुरुवार की शाम को अचेतावस्था में एक यात्री मिला। रेल टिकट परीक्षक ने घटना की जानकारी मेमो के माध्यम से संयुक्त रूप से जीआरपी व आरपीएफ को दिया। लेकिन रेल पुलिस मेमो लेने से मना करती रही। जीआरपी थाना प्रभारी आरके मिश्र ने बताया कि आरपीएफ ने साफतौर पर मेमो लेने से मना कर दिया। जिसे रेलवे स्टाफ द्वारा जारी मेमो पर अंकित भी कर दिया गया। मेमो रिसीव करने के बाबत जीआरपी और आरपीएफ में काफी देर तक विवाद चला। आखिरकार बहुत देर बाद जीआरपी ने अचेत यात्री को अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार चल रहा है। यह एक बानगी भर ही है। माडल रेवले स्टेशन पर जहरखुरानी गिरोह का आतंक इस कदर हावी है कि पुलिस भी कुछ नहीं कर पा रही है। गिरोह के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जीआरपी व बिहार पुलिस ने 11 मार्च को माडल स्टेशन पर यात्रियों के जागरूकता अभियान भी चलाया था। जिसमें यात्रियों को जहरखुरानी गिरोह से बचने के उपाया बताये गये थे। लेकिन ठीक उसके दो दिन बाद ही गिरोह ने अपना काम कर दिया।
उधर, जीआरपी थाना प्रभारी आरके मिश्र ने बताया कि आरपीएफ कोई मदद नहीं कर रही है। जिससे हमें कार्य संपादित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों एवं प्लेटफार्मों पर घटना रोकथाम की जिम्मेदारी आरपीएफ एवं जीआरपी दोनों की है। लेकिन इस तरह की घटना में आरपीएफ द्वारा पीड़ित को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा रहा है।
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अप सवारी गाड़ी 55013 में गुरुवार की शाम को अचेतावस्था में एक यात्री मिला। रेल टिकट परीक्षक ने घटना की जानकारी मेमो के माध्यम से संयुक्त रूप से जीआरपी व आरपीएफ को दिया। लेकिन रेल पुलिस मेमो लेने से मना करती रही। जीआरपी थाना प्रभारी आरके मिश्र ने बताया कि आरपीएफ ने साफतौर पर मेमो लेने से मना कर दिया। जिसे रेलवे स्टाफ द्वारा जारी मेमो पर अंकित भी कर दिया गया। मेमो रिसीव करने के बाबत जीआरपी और आरपीएफ में काफी देर तक विवाद चला। आखिरकार बहुत देर बाद जीआरपी ने अचेत यात्री को अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार चल रहा है। यह एक बानगी भर ही है। माडल रेवले स्टेशन पर जहरखुरानी गिरोह का आतंक इस कदर हावी है कि पुलिस भी कुछ नहीं कर पा रही है। गिरोह के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जीआरपी व बिहार पुलिस ने 11 मार्च को माडल स्टेशन पर यात्रियों के जागरूकता अभियान भी चलाया था। जिसमें यात्रियों को जहरखुरानी गिरोह से बचने के उपाया बताये गये थे। लेकिन ठीक उसके दो दिन बाद ही गिरोह ने अपना काम कर दिया।
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उधर, जीआरपी थाना प्रभारी आरके मिश्र ने बताया कि आरपीएफ कोई मदद नहीं कर रही है। जिससे हमें कार्य संपादित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों एवं प्लेटफार्मों पर घटना रोकथाम की जिम्मेदारी आरपीएफ एवं जीआरपी दोनों की है। लेकिन इस तरह की घटना में आरपीएफ द्वारा पीड़ित को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा रहा है।
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