{"_id":"5d51a59f8ebc3e6c901c1aea","slug":"crime-ballia-news-vns4780731113","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा के छाड़न में डुबने से दो युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा के छाड़न में डुबने से दो युवक की मौत
विज्ञापन
सहतवार (बलिया)। थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदपुर गांव के पास सोमवार को घाघरा के छाड़न में डूबकर दो युवकों की मौत हो गई। इसकी जानकारी होते ही गांव में कोहराम मच गया। कोलकला गांव के नौ युवक सुबह नदी में स्नान करने गए थे। नहाते समय दो युवक छाड़न में डूब गए। साथियों ने उन की तलाश की गई लेकिन पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस की सूचना पर पहुंचे गोताखोरों ने करीब ढाई घंटे बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला और पंचनामे की औपचारिकता पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजवाया।
कोलकला गांव के नौ युवक सोमवार की सुबह घाघरा नदी में स्नान करने गए थे। स्नान के बाद लौटते समय चंद्रशेखर यादव (27) छाड़न में बने पुल पर बैठकर पैर में लगे कीचड़ को धोने लगा। इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह छाड़न के गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए अवधेश यादव (24) नदी में कूद पड़ा, लेकिन अवधेश अपने साथी को नहीं बचा सका, बल्कि वह भी गहरे पानी में समा गया। यह देख अन्य साथी युवकों ने शोर मचाते हुए बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। शोरगुल सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और युवकों की तलाश की लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंच गई, जहां गोताखोरों ने करीब ढाई घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। बांसडीह के तहसीलदार गुलाब चंद्रा भी मौके पर पहुंचे और पीडि़त परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही आपदा राहत कोष से मददद दिलाने का आश्वासन दिया। चंद्रशेखर यादव और अवधेश यादव दोनों अच्छे दोस्त थे और हमेशा एक साथ रहते थे। दोनों युवक अपने-अपने मां-बाप के इकलौते पुत्र भी थे। चंद्रशेखर एक निजी विद्यालय में शिक्षक का कार्य करता था, जिससे उसके परिवार का भरण-पोषण चलता था। वहीं अवधेश कुमार अविवाहित था।
विज्ञापन
कोलकला गांव के नौ युवक सोमवार की सुबह घाघरा नदी में स्नान करने गए थे। स्नान के बाद लौटते समय चंद्रशेखर यादव (27) छाड़न में बने पुल पर बैठकर पैर में लगे कीचड़ को धोने लगा। इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह छाड़न के गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए अवधेश यादव (24) नदी में कूद पड़ा, लेकिन अवधेश अपने साथी को नहीं बचा सका, बल्कि वह भी गहरे पानी में समा गया। यह देख अन्य साथी युवकों ने शोर मचाते हुए बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। शोरगुल सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और युवकों की तलाश की लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंच गई, जहां गोताखोरों ने करीब ढाई घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। बांसडीह के तहसीलदार गुलाब चंद्रा भी मौके पर पहुंचे और पीडि़त परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही आपदा राहत कोष से मददद दिलाने का आश्वासन दिया। चंद्रशेखर यादव और अवधेश यादव दोनों अच्छे दोस्त थे और हमेशा एक साथ रहते थे। दोनों युवक अपने-अपने मां-बाप के इकलौते पुत्र भी थे। चंद्रशेखर एक निजी विद्यालय में शिक्षक का कार्य करता था, जिससे उसके परिवार का भरण-पोषण चलता था। वहीं अवधेश कुमार अविवाहित था।
विज्ञापन