कोरोना कर्फ्यू: कोविड जांच के लिए जा रहे स्वास्थ्य कर्मियों से पुलिस ने की अभद्रता, ड्राइवर को पीटा
बलिया कोतवाली क्षेत्र के टीडी कॉलेज चौराहे पर कोरोना कर्फ्यू के नाम पर जांच के दौरान पुलिस ने कोविड-19 में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्रता की। पुलिस ने उनके वाहन चालक की पिटाई भी कर दी। इससे नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया
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बलिया कोतवाली क्षेत्र के टीडी कॉलेज चौराहे पर बृहस्पतिवार को कोरोना कर्फ्यू के नाम पर जांच के दौरान पुलिस ने कोविड-19 जांच में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्रता की। पुलिस ने उनके वाहन चालक की पिटाई भी कर दी। इससे नाराज होकर स्वास्थ्यकर्मियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जांच करने से बहिष्कार कर दिया। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।
बता दें कि अर्बन में 11 टीमें कोविड-19 से जुड़े कार्यों में लगाई गई हैं। इनमें से एक आरआरटी टीम नंबर-1 शहर के जगदीशपुर की तरफ कोविड सैंपलिंग के लिए आईडीपीसीआर कार्यालय से बोलेरो पर सवार होकर बृहस्पतिवार की दोपहर में रवाना हुई। जांच टीम का आरोप है कि जैसे ही उनकी गाड़ी टीडी कॉलेज चौराहे पर पहुंची, वैसे ही वहां पर तैनात पुलिस ने गाड़ी रोक दिया।
जांच टीम का द्वारा परिचय और जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने ड्राइवर व गाड़ी पर डंडा चला दिया। इसके साथ ही टीम के सदस्यों और ड्राइवर को गालियां भी दी। जबकि उन पुलिसकर्मियों को बार-बार बताया गया कि हम लोग गंभीर मरीजों का सैंपल लेने जा रहे हैं।
कोविड जांच टीम के मंडल अध्यक्ष ने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जनपद में कोविड से जुड़ी कोई भी टीम और कर्मचारी कार्य नहीं करेगा। इसके बाद आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने कार्यों का बहिष्कार करते हुए सीएमओ को मामले की सूचना दी।
कोरोना कर्फ्यू के बावजूद लगा रहा जाम
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने को लेकर करीब एक पखवारा से अधिक समय से जिले में कोरोना कर्फ्यू लागू है। लेकिन इसके बावजूद बाजारों में भारी भीड़ हो रही है। कोरोना कर्फ्यू में केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट है लेकिन बाजार में कमावेश सभी तरह की दुकानें खोल कर खरीद बिक्री की जाती है।
गुरुवार को तो 10 से लेकर 12 बजे तक चित्तू पांडेय चौराहा पर रुक-रुक जाम लगता रहा जिससे कोरोना से बचाव के नियम ध्वस्त हो गए। सब्जी बाजार के अलावा अन्य बाजारों में इस कदर भीड़ रही कि सोशल डिस्टेंसिंग भी तार-तार हो गया। इतना ही नहीं शहर के हर मार्ग पर कमोवेश यही स्थिति रही। बाजार में अधिकांश दुकानों से खरीद बिक्री होती रही।