जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन राज्यपाल/ कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। इसमें कुल 24802 विद्यार्थियों ने उपाधि प्राप्त की। इसमें स्नातक स्तर के 21,372 व स्नातकोत्तर स्तर के 3,430 विद्यार्थी शामिल हैं। राज्यपाल ने 12 छात्र व 26 छात्राओं को स्वर्ण पदक दिया। एमएससी जंतु विज्ञान की छात्रा साक्षी बरनवाल को ओवरऑल प्रदर्शन के लिए कुलाधिपति मेडल से सम्मानित किया।राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत का अर्थ शिक्षा का अंत होना नहीं है, बल्कि अर्जित शिक्षा के कर्म क्षेत्र में उतरने का संकल्प है। संविधान दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि हम सबको अपने मौलिक कर्तव्यों को जानना चाहिए और उसका निर्वहन करना चाहिए। युवा पीढ़ी को भी मूल कर्तव्यों का ज्ञान कराया जाना आवश्यक है। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय विवि, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति प्रो. हरमहेंद्र सिंह बेदी ने सभी विद्यार्थियों को बधाई-शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य चरित्रवान विद्यार्थियों का निर्माण करना है। आज ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है, जो रोजगारपरक हो। विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा का आज वास्तविक प्रकटन हुआ है। अपने गुरुओं द्वारा प्रदत्त ज्ञान एवं कौशल को ये उपाधि प्राप्त विद्यार्थी अपने जीवन में उतारेंगे।