बलिया। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कांटेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि कांटेक्ट ट्रेसिंग के साथ-साथ लैब में जांच के लिए भेजे जाने वाला सैंपल भी प्रतिदिन कम से कम 500 से ऊपर लिया जाए। सीएमओ से कहा कि किसी भी आइसोलेशन सेंटर में मरीज को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं कोई दिक्कत है तो उसको ठीक करा लिया जाए।संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग ने कांटेक्ट ट्रेसिंग कार्य के बारे में बताया। इसकी कमिश्नर ने सराहना की। साथ ही टीम को और मजबूत बनाने व इसमें तेजी लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कांटेक्ट ट्रेसिंग के दौरान जिनमें लक्षण मिले, उनकी जांच तत्काल तथा लक्षणविहीन लोगों की सैम्पलिंग पांच से दस दिन में कर ली जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट (लैब में जाने वाला सैम्पल) भी कम नहीं होना चाहिए। शहर में अस्थाई बूथ बनाकर सैम्पलिंग कराई जाए और उस बूथ का सोशल मीडिया व अखबार के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाए। बताया गया कि फिलहाल शहर में तीन ऐसे बूथ बनाकर सैम्पलिंग कराई जा रही है। मंडलायुक्त ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में भी भ्रमण कर यह देखा जाए कि निर्धारित प्रोटोकाल का पालन हो रहा है या नहीं। यदि कहीं उल्लंघन हो रहा है तो स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करे। बैठक में होम आइसोलेशन, मरीजों को भर्ती करने तथा डिस्चार्ज करने की गाइडलाइन के बारे में पूछताछ की। कहा कि होम आइसोलेशन की पूरी शर्तों का प्रचार-प्रसार कराया जाए। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कऱ्ुमार जघैन ने डोर-टू-डोर सर्वे की कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डीएम श्रीहरि प्रताप शाही, एसपी देवेन्द्रनाथ, सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, सीआरओ प्रवरशील बरनवाल, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, एसडीएम रसड़ा मोती लाल यादव, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य आजमगढ़ के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।