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Ballia News: खराब ईंटों, गिट्टी के बजाए बजरी से हो रहा निर्माण
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कड़सर में निर्माणाधीन नगर पंचायत सिकंदरपुर का कान्हा पशु आश्रय केंद्र।संवाद
पूर। नगर पंचायत सिकंदरपुर के कान्हा पशु आश्रय स्थल का निर्माण शुरू होते ही विवादों में घिर गया है। करीब 1.64 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस गोआश्रय केंद्र को नगर पंचायत सीमा से लगभग 10 किलोमीटर दूर कड़सर में स्थापित किए जाने पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब निर्माण में घटिया ईंटों और गिट्टी की जगह बजरी के इस्तेमाल का आरोप लग रहा है।
500 पशुओं की क्षमता वाले इस आश्रय स्थल के निर्माण में दोयम दर्जे की ईंटों और खराब गुणवत्ता की गिट्टी (बजरी) के उपयोग का आरोप सामने आया है। फिलहाल नींव का कार्य चल रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती चरण से ही ठेकेदार ने मनमानी शुरू कर दी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी भीष्म यादव ने इसे सरकारी धन के बंदरबांट से जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण केंद्र को जानबूझकर नगर पंचायत क्षेत्र से बाहर बनाया गया है, ताकि मनमानी की जा सके। समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप न हुआ तो यह परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी। समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष खुर्शीद आलम ने भी निर्माण में धांधली और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मानकों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पशु संरक्षण के नाम पर यह परियोजना ठेकेदारी खेल का अड्डा बनती जा रही है। इसके स्थल निरीक्षण, निर्माण सामग्री की जांच और भुगतानों की जांच की जरूरत है।
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मामले की जानकारी नहीं है। विभागीय जेई को भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मनोज पांडेय, ईओ।
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500 पशुओं की क्षमता वाले इस आश्रय स्थल के निर्माण में दोयम दर्जे की ईंटों और खराब गुणवत्ता की गिट्टी (बजरी) के उपयोग का आरोप सामने आया है। फिलहाल नींव का कार्य चल रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती चरण से ही ठेकेदार ने मनमानी शुरू कर दी है।
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नगर पंचायत अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी भीष्म यादव ने इसे सरकारी धन के बंदरबांट से जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण केंद्र को जानबूझकर नगर पंचायत क्षेत्र से बाहर बनाया गया है, ताकि मनमानी की जा सके। समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप न हुआ तो यह परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी। समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष खुर्शीद आलम ने भी निर्माण में धांधली और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मानकों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पशु संरक्षण के नाम पर यह परियोजना ठेकेदारी खेल का अड्डा बनती जा रही है। इसके स्थल निरीक्षण, निर्माण सामग्री की जांच और भुगतानों की जांच की जरूरत है।
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मामले की जानकारी नहीं है। विभागीय जेई को भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मनोज पांडेय, ईओ।