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विकास कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित
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नगरा। नगर पंचायत नगरा की ओर से कराए गए विकास कार्यों की जांच होगी। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर जांच आख्या तलब की है। जांच समिति में राशिद फारुकी डिप्टी कलेक्टर, वित्त एवं लेखाधिकारी जिला बेसिक शिक्षा विभाग, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड, सहायक अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम को नामित किया गया है।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत नगरा को निर्देशित किया है कि जांच के दौरान कमेटी द्वारा मांगे जाने पर वांछित अभिलेख उपलब्ध कराएं। जांच समिति गठित किए जाने के बाद नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और सदस्य विधान परिषद बलवंत सिंह रामूवालिया ने लगाया है। एमएलसी ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में कहा कि नवसृजित नगरा नगर पंचायत का गठन विगत वर्षों में हुआ है। नगरा नगर पंचायत के गठन के बाद नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता द्वारा मिल जुलकर सड़क एवं नाला और विद्युतीकरण के नाम पर गलत तरीके से एलईडी लाइट एवं नगर पंचायत में नालियों पर छिड़काव के लिए दवा क्रय पर फर्जी भुगतान किया गया है। इससे जनता में काफी आक्रोश है। नगर पंचायत के गठन के बाद राज्य वित्त आयोग, 14वां वित्त, 15वांवित्त आयोग व अन्य मद से प्राप्त धनराशि कागजी कोरम पूरा कर सरकारी धन को लूट लिया गया है। अधिशासी अधिकारी रामबदन यादव का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। जांच समिति का पूरा सहयोग किया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत नगरा को निर्देशित किया है कि जांच के दौरान कमेटी द्वारा मांगे जाने पर वांछित अभिलेख उपलब्ध कराएं। जांच समिति गठित किए जाने के बाद नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और सदस्य विधान परिषद बलवंत सिंह रामूवालिया ने लगाया है। एमएलसी ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में कहा कि नवसृजित नगरा नगर पंचायत का गठन विगत वर्षों में हुआ है। नगरा नगर पंचायत के गठन के बाद नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता द्वारा मिल जुलकर सड़क एवं नाला और विद्युतीकरण के नाम पर गलत तरीके से एलईडी लाइट एवं नगर पंचायत में नालियों पर छिड़काव के लिए दवा क्रय पर फर्जी भुगतान किया गया है। इससे जनता में काफी आक्रोश है। नगर पंचायत के गठन के बाद राज्य वित्त आयोग, 14वां वित्त, 15वांवित्त आयोग व अन्य मद से प्राप्त धनराशि कागजी कोरम पूरा कर सरकारी धन को लूट लिया गया है। अधिशासी अधिकारी रामबदन यादव का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। जांच समिति का पूरा सहयोग किया जाएगा।
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