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अभी हफ्ते भर और सताएगी शीतलहर
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बलिया। फरवरी का पहला हफ्ता बीत जाने के बावजूद सर्दी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अभी एक हफ्ते तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। 15 फरवरी के बाद ही गलन वाली सर्दी से कुछ हद तक निजात मिलने के आसार हैं। सर्दी के लंबा खींचने की वजह पहाड़ी डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का इलाकों से होकर आ रही उत्तर अनुमान है।
पर्यावरणविद् और खगोलविद् डॉ. गणेश पाठक के अनुसार बृहस्पतिवार को पूर्वी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान थोड़ा ऊपर भले ही रहा हो, लेकिन शुक्रवार को जैसे ही पछुआ हवा चलने लगेगी, एक बार फिर न्यूनतम तापमान दो डिग्री नीचे चला जाएगा। यानी शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। आम तौर पर वसंत पंचमी के बाद ठंडक धीरे धीरे कम होने लगती है। पिछले कई वर्षों में देखा गया कि वसंत पंचमी के एक दो दिन बाद न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है और लोगों को गलन से काफी हद तक मुक्ति मिल जाती है। मगर इस बार हैरान करते हुए मौसम एक नए रंग में दिख रहा है। जिसके 15 फरवरी तक कायम रहने का अनुमान है।
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एक हफ्ते का पूर्वानुमान अधिकतम तापमन न्यूनतम तापमान
11 फरवरी 21 डिग्री सेल्सियस 09 डिग्री सेल्सीयस
12 फरवरी 21 डिग्री सेल्सियस 08 डिग्री सेल्सियस
13 फरवरी 21 डिग्री सेल्सियस 08 डिग्री सेल्सियस
14 फरवरी 22 डिग्री सेल्सियस 09 डिग्री सेल्सियस
15 फरवरी 23 डिग्री सेल्सियस 11 डिग्री सेल्सियस
16 फरवरी 24 डिग्री सेल्सियस 11डिग्री सेल्सियस
17 फरवरी 25 डिग्री सेल्सियस 13 डिग्री सेल्सियस
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पुरवा हवाओं की दखल से बादलों की उमड़-घुमड़
बलिया। पुरवा हवाओं की दखल से एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया है। इससे तापमान में तेजी से गिरावट आई है। ठंड में इजाफा हुआ है। बारिश के भी आसार बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 23.0 व न्यूनतम 09.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं मौसम का रुख देखकर किसानों को फसलों की चिंता सता रही है। जानकारों का कहना है कि बारिश होने पर फसलों को भारी नुकसान होगा। पखवारे भर से पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ रही थीं। इससे मौसम साफ हो गया था, धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिल गई थी। बुधवार को मौसम एकाएक बदल गया। पश्चिमी हवाओं को दबाकर पुरवा हवाओं ने अपनी पैठ मजबूत कर ली। इससे आसमान में बादलों ने पैठ जमा ली। मौसम बदलता मिजाज बृहस्पतिवार को नजर आया और आसमान में बादलों संग सूरज की लुका छुपी जारी रही, जिससे पारा नीचे सरक गया। इधर, मौसम का रुख देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगर बारिश हुई तो आलू, चना, मटर, सरसों समेत सभी फसलों को नुकसान होगा। मौसम के जानकार बताते है कि पुरवा हवाओं के दबाव से मौसम बदला है। पुरवा हवाओं के दबाव से बूंदाबांदी व रिमझिम बारिश की संभावना है।
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पर्यावरणविद् और खगोलविद् डॉ. गणेश पाठक के अनुसार बृहस्पतिवार को पूर्वी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान थोड़ा ऊपर भले ही रहा हो, लेकिन शुक्रवार को जैसे ही पछुआ हवा चलने लगेगी, एक बार फिर न्यूनतम तापमान दो डिग्री नीचे चला जाएगा। यानी शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। आम तौर पर वसंत पंचमी के बाद ठंडक धीरे धीरे कम होने लगती है। पिछले कई वर्षों में देखा गया कि वसंत पंचमी के एक दो दिन बाद न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है और लोगों को गलन से काफी हद तक मुक्ति मिल जाती है। मगर इस बार हैरान करते हुए मौसम एक नए रंग में दिख रहा है। जिसके 15 फरवरी तक कायम रहने का अनुमान है।
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एक हफ्ते का पूर्वानुमान अधिकतम तापमन न्यूनतम तापमान
11 फरवरी 21 डिग्री सेल्सियस 09 डिग्री सेल्सीयस
12 फरवरी 21 डिग्री सेल्सियस 08 डिग्री सेल्सियस
13 फरवरी 21 डिग्री सेल्सियस 08 डिग्री सेल्सियस
14 फरवरी 22 डिग्री सेल्सियस 09 डिग्री सेल्सियस
15 फरवरी 23 डिग्री सेल्सियस 11 डिग्री सेल्सियस
16 फरवरी 24 डिग्री सेल्सियस 11डिग्री सेल्सियस
17 फरवरी 25 डिग्री सेल्सियस 13 डिग्री सेल्सियस
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पुरवा हवाओं की दखल से बादलों की उमड़-घुमड़
बलिया। पुरवा हवाओं की दखल से एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया है। इससे तापमान में तेजी से गिरावट आई है। ठंड में इजाफा हुआ है। बारिश के भी आसार बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 23.0 व न्यूनतम 09.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं मौसम का रुख देखकर किसानों को फसलों की चिंता सता रही है। जानकारों का कहना है कि बारिश होने पर फसलों को भारी नुकसान होगा। पखवारे भर से पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ रही थीं। इससे मौसम साफ हो गया था, धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिल गई थी। बुधवार को मौसम एकाएक बदल गया। पश्चिमी हवाओं को दबाकर पुरवा हवाओं ने अपनी पैठ मजबूत कर ली। इससे आसमान में बादलों ने पैठ जमा ली। मौसम बदलता मिजाज बृहस्पतिवार को नजर आया और आसमान में बादलों संग सूरज की लुका छुपी जारी रही, जिससे पारा नीचे सरक गया। इधर, मौसम का रुख देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगर बारिश हुई तो आलू, चना, मटर, सरसों समेत सभी फसलों को नुकसान होगा। मौसम के जानकार बताते है कि पुरवा हवाओं के दबाव से मौसम बदला है। पुरवा हवाओं के दबाव से बूंदाबांदी व रिमझिम बारिश की संभावना है।
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