UP: सीएमओ कार्यालय के लिपिक ने की 43.56 लाख की कमाई, खर्च कर दिए 1.80 करोड़; शुरुआती जांच में पाए गए दोषी
आरोपी लिपिक दयाशंकर ने लोक सेवक के रूप में कार्यरत रहते जांच की अवधि में आय के समस्त ज्ञात और वैध स्रोत से 43,56,056 रुपये की आय अर्जित। इस अवधि में इनकी ओर से परिसंपत्तियों के अर्जन और भरण पोषण पर किया गया कुल खर्च 1.80 करोड़ मिला।
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2021 में आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के दौरान बलिया सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। दयाशंकर ने पत्नी के नाम पर विभिन्न स्थानों पर जमीन व मकान खरीदे थे। जांच में संपत्तियों का ब्योरा भी दिया गया था। सामने आया कि दयाशंकर ने 43,56,056 रुपये की आय अर्जित। जबकि 1.80 करोड़ रुपये खर्च किए।
इस तरह दयाशंकर ने आय की तुलना में 1.37 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए। वाराणसी सेक्टर उप्र सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक रवींद्र सिंह यादव की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर रविंद्र ने बताया कि दयाशंकर के विरुद्ध खुली जांच में सतर्कता अधिष्ठान ने शासन को रिपोर्ट भेजी है।
दयाशंकर के इशारे पर 2 दशक तक विभाग का संचालन
दयाशंकर की नियुक्ति सीएमओ कार्यालय मुरादाबाद में छह अक्तूबर 1986 को कनिष्ठ लिपिक पद पर हुई थी। एक दशक बाद 6 अक्तूबर 1996 से बलिया सीएमओ कार्यालय में कार्यरत रहे। 27 साल से अधिक समय तक बलिया में रहे। दयाशंकर स्वास्थ्य विभाग में सुपर सीएमओ के नाम से चर्चित रहे।
सीएमओ के पद पर भले ही कोई भी रहा हो, लेकिन दयाशंकर के इशारे पर ही स्वास्थ्य विभाग चलता था। विभाग के अनुसार, कई लोगों को विभिन्न पदों पर नौकरी दी। राजनैतिक दिग्गजों से जुड़ाव के कारण दयाशंकर का विभाग में बोलबाला रहा है। भाजपा शासन आने के बाद तबादला हुआ।