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Ballia News: उल्टी दस्त की चपेट में आ रहे बच्चे, अस्पतालों में बेड फुल
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बलिया। मौसम का बदलाव और उमसभरी गर्मी लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। इन दिनों उल्टी दस्त, पेट दर्द, सर्दी बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 फीसद मरीज डायरिया के लक्षण वाले आ रहे हैं। इसमें छोटे बच्चों की संख्या ज्यादा है।
अस्पताल के मेडिकल, बच्चा वार्ड सहित सभी वार्डों के बेड फुल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार, थोड़ी सी लापरवाही के कारण सेहत तुरंत खराब हो रही है। रात में गुलाबी ठंड और दिन में उमसभरी गर्मी सेहत पर असर डाल रही है। दूषित जल और संक्रमित खानपान से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद हालत बिगड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शाम को डायरिया के लक्षण वाले मरीजों की भीड़ लगने से व्यवस्था गड़बड़ा जा रही है। मरीजों की भीड़ के कारण एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। चिकित्सक के राउंड के बाद बेड खाली हो रहे हैं। हड्डी वार्ड में 12 बेड बच्चा वार्ड के लिए सुरक्षित हैं। प्रतिरोज 25 से 30 बच्चे डायरिया के भर्ती हो रहे हैं। ज्यादा मरीज आने पर उन्हें हड्डी वार्ड में भर्ती किया जाता है।
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सावधानी बरत बच्चे को रखें स्वस्थ
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके उपाध्याय ने बताया कि थोड़ी सावधानी बरत कर बदलते मौसम में बच्चो को स्वस्थ रख सकते हैं। डायरिया से बचाव के लिए घर के आसपास साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। साफ सुथरा व पचने वाला भोजन व साफ पानी का प्रयोग करें। बच्चों को बाजार के खाद्य पदार्थ व जंक फूड से दूर रखें। खाने से पूर्व हाथ जरूर धुलवाएं। उल्टी दस्त या पेट दर्द होने पर लापरवाही घातक हो सकती है। तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा का प्रयोग न करें।
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अस्पताल के मेडिकल, बच्चा वार्ड सहित सभी वार्डों के बेड फुल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार, थोड़ी सी लापरवाही के कारण सेहत तुरंत खराब हो रही है। रात में गुलाबी ठंड और दिन में उमसभरी गर्मी सेहत पर असर डाल रही है। दूषित जल और संक्रमित खानपान से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद हालत बिगड़ रहे हैं।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शाम को डायरिया के लक्षण वाले मरीजों की भीड़ लगने से व्यवस्था गड़बड़ा जा रही है। मरीजों की भीड़ के कारण एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। चिकित्सक के राउंड के बाद बेड खाली हो रहे हैं। हड्डी वार्ड में 12 बेड बच्चा वार्ड के लिए सुरक्षित हैं। प्रतिरोज 25 से 30 बच्चे डायरिया के भर्ती हो रहे हैं। ज्यादा मरीज आने पर उन्हें हड्डी वार्ड में भर्ती किया जाता है।
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सावधानी बरत बच्चे को रखें स्वस्थ
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके उपाध्याय ने बताया कि थोड़ी सावधानी बरत कर बदलते मौसम में बच्चो को स्वस्थ रख सकते हैं। डायरिया से बचाव के लिए घर के आसपास साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। साफ सुथरा व पचने वाला भोजन व साफ पानी का प्रयोग करें। बच्चों को बाजार के खाद्य पदार्थ व जंक फूड से दूर रखें। खाने से पूर्व हाथ जरूर धुलवाएं। उल्टी दस्त या पेट दर्द होने पर लापरवाही घातक हो सकती है। तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा का प्रयोग न करें।