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Ballia News: 20 नवंबर के बाद तापमान में कमी के आसार
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बलिया। जनपद में पिछले साल की अपेक्षा ठंड की रफ्तार धीमी है। इस साल तापमान अभी सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। जब तक दिन के तापमान में गिरावट नहीं होगी, तब तक ठंड में तेजी नहीं आएगी। मिड्ढा स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के सुरेश सिंह का कहना है कि 20 नवंबर के बाद ही तापमान में कमी के आसार हैं।
जनपद में इस समय अधिकतम तापमान 29-31 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। किसी-किसी दिन 32-33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
पिछले साल इस समय अधिकतम तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस के बीच था। न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच है, तो पिछले साल 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच था। इस तरह न्यूनतम और अधिकतम तापमान पिछले साल की अपेक्षा तीन से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है। पिछले 10 दिनों से इसी तरह से तापमान बना हुआ है। अगले एक सप्ताह तक इसी तरह रहने के आसार हैं। 20 नवंबर के बाद पारा गिरने के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है।
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गेहूं की बुआई के लिए सही तापमान
कृषि विज्ञान केंद्र, सोहांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजीत सिंह ने बताया कि गेहूं की बोआई का समय 17 नवंबर के बाद शुरू हो जाता है। इसके लिए 17 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान सही होता है। इसलिए किसानों को ऐसे मौसम का इंतजार करना चाहिए। सही तापमान न मिलने से बीच अंकुरित नहीं होगा। जो अंकुरित होगा उसमें कीड़े लगने की आशंका रहती है।
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पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने से तापमान सामान्य
नरहीं। नवंबर में अभी तक ठंड का आगाज नहीं हुआ है इसको लेकर किसान भी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। इसका प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर होना बताया जा रहा है। मौसम विभाग पटना के अनुसार 14 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके बाद पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट के साथ ही ठंड बढ़ने लगेगी। इस साल अल-नीनो के प्रभाव के कारण हाड़ कंपा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ सकता हैं।
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20 नवंबर के बाद दिन और रात दोनों के पारे में गिरावट होगी और सर्दी जोर पकड़ेगी।
-डॉ. गणेश कुमार पाठक, पर्यावरणविद्।
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जनपद में इस समय अधिकतम तापमान 29-31 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। किसी-किसी दिन 32-33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
पिछले साल इस समय अधिकतम तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस के बीच था। न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच है, तो पिछले साल 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच था। इस तरह न्यूनतम और अधिकतम तापमान पिछले साल की अपेक्षा तीन से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है। पिछले 10 दिनों से इसी तरह से तापमान बना हुआ है। अगले एक सप्ताह तक इसी तरह रहने के आसार हैं। 20 नवंबर के बाद पारा गिरने के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है।
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गेहूं की बुआई के लिए सही तापमान
कृषि विज्ञान केंद्र, सोहांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजीत सिंह ने बताया कि गेहूं की बोआई का समय 17 नवंबर के बाद शुरू हो जाता है। इसके लिए 17 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान सही होता है। इसलिए किसानों को ऐसे मौसम का इंतजार करना चाहिए। सही तापमान न मिलने से बीच अंकुरित नहीं होगा। जो अंकुरित होगा उसमें कीड़े लगने की आशंका रहती है।
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पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने से तापमान सामान्य
नरहीं। नवंबर में अभी तक ठंड का आगाज नहीं हुआ है इसको लेकर किसान भी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। इसका प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर होना बताया जा रहा है। मौसम विभाग पटना के अनुसार 14 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके बाद पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट के साथ ही ठंड बढ़ने लगेगी। इस साल अल-नीनो के प्रभाव के कारण हाड़ कंपा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ सकता हैं।
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20 नवंबर के बाद दिन और रात दोनों के पारे में गिरावट होगी और सर्दी जोर पकड़ेगी।
-डॉ. गणेश कुमार पाठक, पर्यावरणविद्।