बेल्थरारोड। खतरे के निशान से 87 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी है। ऐसे में बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम जलस्तर 64.880 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मीटर से 87 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। ऐसे में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोग सहमे हुए हैं। नदी का पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैल गया है। खेतों में बोई फसल बाढ़ के पानी में जलमग्न हो बर्बादी के कगार पर है। टीएस बंधा के नीचे चैनपुर गुलौरा का कब्रिस्तान पानी में डूब गया है। तुर्तीपार का शवदाह स्थल पानी से भर गया है। टीएस बंधा पर जमीन से चार फुट ऊपर तक पानी पहुंच गया है। कई गांव पानी से घिर गए हैं। रिहायशी क्षेत्रों के निकट से होकर नदी का पानी बह रहा है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों के बर्बाद होने की संभावना बढ़ गई है। जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा तो लोगों को बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ सकता है।