{"_id":"59f9fbed4f1c1baf678b8c13","slug":"cc-tv-cameras-installed","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीसी टीवी कैमरा लगाने में जुटे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीसी टीवी कैमरा लगाने में जुटे
ballia
Updated Wed, 01 Nov 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
up board
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माध्यमिक शिक्षा परिषद वर्ष-2018 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर सरकार ने सभी परीक्षा केंद्र पर सीसी टीवी कैमरा लगाने का फरमान जारी किया है। जिसे लेकर वित्त विहीन विद्यालयों में सीसी टीवी कैमरा लगना शुरू हो गया है।
एक तरफ शासन प्रशासन नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर तमाम हथकंडे अपना रहा है। वही कुछ विद्यालयोें द्वारा कुछ ही कमरों में सीसी टीवी कैमरा लगाकर परीक्षा केंद्र लेने की जुगत में है। जानकार बताते हैं कि यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल का बड़ा खेल होता है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं, जहां ज्यादातर वही छात्र/छात्राएं पंजीकरण कराते हैं, जिन्हें नकल से परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।
मालूम हो कि नकल माफिया विद्यालय से लेकर विद्यालय निरीक्षक सहित आला अधिकारियों तक सेटिंग कर नकल कराने के लिए छात्र-छात्राओं से मोटी रकम वसूली करते है।
विज्ञापन
जिन विद्यालय की सेटिंग हो जाती है, वहां उड़ाका दल भी नहीं जाते हैं। बताया जाता है कि सीसी टीवी कैमरा लगाने के बाद बिजली विभाग में भी नकल माफिया अपना सेटिंग करना शुरू कर दिया है। जिससे परीक्षा के समय बिजली का बहाना बनाया जा सके। क्षेत्र के रामेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, शिवजी यादव आदि का कहना है कि आने वाला समय ही बतायेगा कि शासन प्रशासन नकलविहीन परीक्षा कराने में कितना सफल हो रहा है। हालांकि इस बार परीक्षा केंद्र लखनऊ से ही निर्धारण किया जाना है।
विज्ञापन
एक तरफ शासन प्रशासन नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर तमाम हथकंडे अपना रहा है। वही कुछ विद्यालयोें द्वारा कुछ ही कमरों में सीसी टीवी कैमरा लगाकर परीक्षा केंद्र लेने की जुगत में है। जानकार बताते हैं कि यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल का बड़ा खेल होता है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं, जहां ज्यादातर वही छात्र/छात्राएं पंजीकरण कराते हैं, जिन्हें नकल से परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।
विज्ञापन
मालूम हो कि नकल माफिया विद्यालय से लेकर विद्यालय निरीक्षक सहित आला अधिकारियों तक सेटिंग कर नकल कराने के लिए छात्र-छात्राओं से मोटी रकम वसूली करते है।
विज्ञापन
जिन विद्यालय की सेटिंग हो जाती है, वहां उड़ाका दल भी नहीं जाते हैं। बताया जाता है कि सीसी टीवी कैमरा लगाने के बाद बिजली विभाग में भी नकल माफिया अपना सेटिंग करना शुरू कर दिया है। जिससे परीक्षा के समय बिजली का बहाना बनाया जा सके। क्षेत्र के रामेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, शिवजी यादव आदि का कहना है कि आने वाला समय ही बतायेगा कि शासन प्रशासन नकलविहीन परीक्षा कराने में कितना सफल हो रहा है। हालांकि इस बार परीक्षा केंद्र लखनऊ से ही निर्धारण किया जाना है।