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12 पर नामजद व 100 से अधिक पर केस दर्ज
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बलिया। जिला कारागार में मंगलवार की दोपहर कैदियों द्वारा ईट-पत्थर चलाया गया और तोड़फोड़ किया गया था। जिसमें एक चिकित्सक और एक डिप्टी जेलर घायल हो गए थे। इस मामले में जेलर अभिनव द्विवेदी के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 10 से 12 के विरुद्ध नामजद तथा 100 से अधिक लोगों पर अज्ञात मुकदमा संबंधित धाराओं में दर्ज किया। इस मामले में सुरक्षा के दृष्टिगत जिला कारागार में फोर्स की व्यवस्था कर दी गई है।
मालूम हो कि 20 अप्रैल को जिला कारागार प्रशासन द्वारा जेल के प्रत्येक बैरक में गहनता से निरीक्षण किया गया। जिसमें प्रशासन द्वारा कई मोबाइल पकड़ा गया। इसको लेकर कैदी नाराज हो गए थे, लेकिन उस समय वहां कुछ भी नहीं बोले। उन्होंने योजना बनाकर मंगलवार की दोपहर अचानक तांडव मचाना शुरू कर दिया। जब जेल के पुलिसकर्मियों व अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने ईट पत्थर चलाना शुरु कर दिया। यही नहीं उन्होने जेल अस्पताल और बैराको में शीशे व खिड़कियां तोड़ दिया। इस दौरान चले ईट पत्थर में एक डिप्टी जेलर डा. विनय दुबे तथा एक चिकित्सक डा.देवेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची फोर्स ने कैदियों पर हल्का बल प्रयोग कर नियंत्रित किया। तत्पश्चात कैदी जेल प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। उधर जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए और कैदियों से वार्ता की। तत्पश्चात कैदी शांत हुए। इस मामले में जेलर अभिनव द्विवेदी के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 10 से 12 के विरूद्घ नामजद तथा 100 से अधिक अज्ञात के विरूद्घ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई में जुट गई।
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मालूम हो कि 20 अप्रैल को जिला कारागार प्रशासन द्वारा जेल के प्रत्येक बैरक में गहनता से निरीक्षण किया गया। जिसमें प्रशासन द्वारा कई मोबाइल पकड़ा गया। इसको लेकर कैदी नाराज हो गए थे, लेकिन उस समय वहां कुछ भी नहीं बोले। उन्होंने योजना बनाकर मंगलवार की दोपहर अचानक तांडव मचाना शुरू कर दिया। जब जेल के पुलिसकर्मियों व अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने ईट पत्थर चलाना शुरु कर दिया। यही नहीं उन्होने जेल अस्पताल और बैराको में शीशे व खिड़कियां तोड़ दिया। इस दौरान चले ईट पत्थर में एक डिप्टी जेलर डा. विनय दुबे तथा एक चिकित्सक डा.देवेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची फोर्स ने कैदियों पर हल्का बल प्रयोग कर नियंत्रित किया। तत्पश्चात कैदी जेल प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। उधर जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए और कैदियों से वार्ता की। तत्पश्चात कैदी शांत हुए। इस मामले में जेलर अभिनव द्विवेदी के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 10 से 12 के विरूद्घ नामजद तथा 100 से अधिक अज्ञात के विरूद्घ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई में जुट गई।
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