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नहर टूटी, फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:11 PM IST
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क्षेत्र के कटहुरा-रामपुर गांव के समीप दो स्थानों बीती रात शारदा नहर के
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अचानक टूट जाने से सैकड़ों बीघा गेंहू की फसल जलमग्न हो गई। जिससे
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई है।
क्षेत्र के कटहुरा-रामपुर गांव के समीप दो स्थानों पर अचानक नहर टूट जाने के कारण रामपुर निवासी श्रीनाथ का लगभग आठ बीघा गेंहू की फसल जलमग्न हो गई। वहीं रामपुर निवासी लल्लन सिंह की लगभग 10 बीघा, श्रीभगवान की आठ बीघा गेंहू की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई।
उधर कटहुरा निवासी बालकिशुन यादव का लगभग तीन बीघा, कपिल देव एवं सर्वदेव यादव का लगभग पांच बीघा गेंहू की फसल जलमग्र होकर नष्ट हो गई। इसके अलावा क्षेत्र के दर्जनों किसानों की गेंहू की फसल जलमग्र होकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
किसानों का आरोप है कि विभाग के लापरवाही के चलते नहर टूट गई है। अगर विभाग प्रत्येक वर्ष नहर की साफ-सफाई करवाता और नहर की मरम्मत करवाता तो किसानों को इतना नुकसान नहीं होता।
लेकिन प्रत्येक साफ-सफाई के नाम पर ठेकेदार और विभाग के अधिकारी कागज पर ही साफ-सफाई कर लेते है। जिसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
क्षेत्र के कटहुरा-रामपुर गांव के समीप दो स्थानों पर अचानक नहर टूट जाने के कारण रामपुर निवासी श्रीनाथ का लगभग आठ बीघा गेंहू की फसल जलमग्न हो गई। वहीं रामपुर निवासी लल्लन सिंह की लगभग 10 बीघा, श्रीभगवान की आठ बीघा गेंहू की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई।
उधर कटहुरा निवासी बालकिशुन यादव का लगभग तीन बीघा, कपिल देव एवं सर्वदेव यादव का लगभग पांच बीघा गेंहू की फसल जलमग्र होकर नष्ट हो गई। इसके अलावा क्षेत्र के दर्जनों किसानों की गेंहू की फसल जलमग्र होकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
किसानों का आरोप है कि विभाग के लापरवाही के चलते नहर टूट गई है। अगर विभाग प्रत्येक वर्ष नहर की साफ-सफाई करवाता और नहर की मरम्मत करवाता तो किसानों को इतना नुकसान नहीं होता।
लेकिन प्रत्येक साफ-सफाई के नाम पर ठेकेदार और विभाग के अधिकारी कागज पर ही साफ-सफाई कर लेते है। जिसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है।