{"_id":"b58c3ec86193259d79d904898b4a4f79","slug":"by-offloading-panic-began-to-empty-home-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान से दहशत, खाली करने लगे घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान से दहशत, खाली करने लगे घर
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 03 Sep 2015 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लालगंज क्षेत्र के नरदरा दक्षिणी गांव में गंगा से कटान तेज हो गई है। गुरुवार को खेती की जमीन नदी में समाने लगी तो गंगा का जल मकानों को रेलते हुए बह रहा है। इससे गांव के लोगों में कटान का खौफ बढ़ गया है।
कई लोग सामान लेकर सुरक्षित ठौर की खोज में जुट गए हैं। गुरुवार को कई परिवारों ने अपना पुश्तैनी मकान छोड़ दिया। वहीं कटान को रोकने की दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई कदम नहीं उठाने को लेकर उनमें गहरी नाराजगी भी है।
नरदरा दक्षिणी गांव के समीप गंगा के लहरों से कटान गुरुवार को अचानक उग्र रूप धारण कर ली। किसानों की दो एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि देखते ही देखते गंगा में समा गई। इसके बाद गंगा की लहरों ने रिहायशी मकानों में ठोकर मारना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
इससे पीड़ित परिवार सामानों को सुरक्षित ठौर पर ले जाना शुरू कर दिए हैं। जिसे कहीं जाने का ठौर नहीं है, वह अभी तक वहीं डेरा जमाए हुए है। उधर कटान के मुहाने पर बसा विद्युत ट्रांसफार्मर विभाग की तत्परता के चलते बचा लिया गया। जबकि विद्युत पोल नदी में समाहित हो गया है।
कटान की सूचना लोगों ने एसडीएम बैरिया राधेश्याम पाठक और सीओ त्रयंबक दूबे को दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कटानरोधी कार्य के लिए दिशा निर्देश दिया।
कटान से प्रभावित शिवनाथ मिश्र, सुरेंद्र मिश्र, रामविनय मिश्र, श्रीकृष्ण मिश्र, सूर्यदेव मिश्र, चतुरी गोंड, सुंदरी देवी, मुनेश्वर मिश्र आदि लोगों ने अपने रिहायशी मकानों को खाली कर सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में जुट गए हैं। ग्राम पंचायत बहुआरा के प्रधान राजनारायण सिंह और पूर्व प्रधान सुमेर सिंह लोगों की सहायता में जुटे रहे।
विज्ञापन
कई लोग सामान लेकर सुरक्षित ठौर की खोज में जुट गए हैं। गुरुवार को कई परिवारों ने अपना पुश्तैनी मकान छोड़ दिया। वहीं कटान को रोकने की दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई कदम नहीं उठाने को लेकर उनमें गहरी नाराजगी भी है।
विज्ञापन
नरदरा दक्षिणी गांव के समीप गंगा के लहरों से कटान गुरुवार को अचानक उग्र रूप धारण कर ली। किसानों की दो एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि देखते ही देखते गंगा में समा गई। इसके बाद गंगा की लहरों ने रिहायशी मकानों में ठोकर मारना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
इससे पीड़ित परिवार सामानों को सुरक्षित ठौर पर ले जाना शुरू कर दिए हैं। जिसे कहीं जाने का ठौर नहीं है, वह अभी तक वहीं डेरा जमाए हुए है। उधर कटान के मुहाने पर बसा विद्युत ट्रांसफार्मर विभाग की तत्परता के चलते बचा लिया गया। जबकि विद्युत पोल नदी में समाहित हो गया है।
कटान की सूचना लोगों ने एसडीएम बैरिया राधेश्याम पाठक और सीओ त्रयंबक दूबे को दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कटानरोधी कार्य के लिए दिशा निर्देश दिया।
कटान से प्रभावित शिवनाथ मिश्र, सुरेंद्र मिश्र, रामविनय मिश्र, श्रीकृष्ण मिश्र, सूर्यदेव मिश्र, चतुरी गोंड, सुंदरी देवी, मुनेश्वर मिश्र आदि लोगों ने अपने रिहायशी मकानों को खाली कर सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में जुट गए हैं। ग्राम पंचायत बहुआरा के प्रधान राजनारायण सिंह और पूर्व प्रधान सुमेर सिंह लोगों की सहायता में जुटे रहे।