बैरिया। क्षेत्र में रामबालक बाबा सेतु 2017-18 में सेतु निगम ने 15 करोड़ रुपये की लागत से 212.03 मी. लम्बा व साढ़े सात मीटर चौड़ा पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। लेकिन लोक निर्माण विभाग ने पुल के दोनों छोर पर अभी तक एप्रोच निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया है, सिर्फ मिट्टी भर कर एप्रोच को छोड़ दिया गया है। उत्तरी दियरांचल के शिवाल मठिया, मानगढ़, गोपालनगर, बशिष्ठनगर आदि गांवों के करीब 50 हजार आबादी को मुख्य मार्ग से जोड़ने के प्रयास में 20 वर्ष का वक्त समाप्त हो गया लेकिन आज तक पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। वर्ष 2008 में तत्कालीन एमएलसी विक्रमादित्य पांडेय की पहल पर सेतु निगम ने चार करोड़ की लागत से घाघरा नदी के छाड़न पर रामबालक बाबा सेतु का निर्माण कार्य शुरू किया। 2010 में निर्माण कार्य तो पूरा हुआ लेकिन पुल का लोकार्पण भी नही हुआ और बाढ़ में पुल बैंड हो गया जिसे विभाग द्वारा पुल को रिजेक्ट कर दिया गया। इसके बाद तत्कालीन विधायक जयप्रकाश अंचल की पहल पर 2015 में सेतु निगम ने 15 करोड़ रुपये की लागत से 212.03 मी. लम्बा व साढ़े सात मीटर चौड़े पुल का निर्माण कार्य शुरू किया। पुल निर्माण कार्य 2017-18 में पूरा कर लिया गया है। लेकिन एप्रोच निर्माण का कार्य पीडब्लूडी ने अब तक पूरा नहीं किया है। इसे मिट्टी के जगह बालू भरकर छोड़ दिया है। लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। गोपालनगर प्रधान प्रदीप यादव, बशिष्ठ नगर प्रधान राजकिशोर सिंह, शिवाल प्रधान हेमनाथ यादव, मानगढ़ प्रधान प्रतिनिधि भूलन साहनी आदि ने पुल का एप्रोच निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है।