बलिया। जनपद ईंट निर्माता समिति के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिसमें उल्लेख किया है कि विगत 17 सितंबर को लखनऊ में जीएसटी काउंसिल की 45 वीं बैठक में भट्ठे में निर्मित लाल ईंटों पर कर में बिना आईटीसी क्लेम किए एक फीसदी से बढ़ाकर छह फीसदी तथा आईटीसी क्लेम करने पर कर पांच से बढ़कर 12 फीसदी किए जाने का प्रस्ताव एक अप्रैल से पारित किया गया है। ज्ञापन में कहा है कि ईंट भट्ठा एक ग्रामीण कुटीर सीजनल उद्योग है। विगत दो वर्ष से कोरोना महामारी के कारण जहां एक ओर ईंट व्यवसाय पूरी तरह चौपट और घाटे में है वहीं दूसरी ओर जनसाधारण का भी काम-काज पूरी तरह प्रभावित होने के कारण वित्तीय स्थिति खराब है। कहा मैन्युफैक्चरर्स सेक्टर के 40 लाख तक सालाना टर्नओवर व्यवसाय जीएसटी में कर मुक्त है। जबकि काउंसिल की 45 वीं बैठक में ईंट निर्माताओं के लिए बीस लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक कर मुक्त का प्रस्ताव किया गया है। जो ईंट भट्ठा व्यापारियों के साथ घोर अन्याय है।
समिति के सदस्यों ने मांग किया है कि भारत में लगभग तीन करोड़ बेरोजगार भूमिहीन निर्बल वर्ग के श्रमिकों को रोजगार देने वाले भट्ठा उद्योग तथा आम जनहित में ईँटों पर कर दर में वृद्धि प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए दो सीजन वर्ष के लिए ईंट बिक्री को जीएसटी में कर मुक्त किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदीप कुमार, अनिल कुमार सिंह, अवधेश राय, जवाहर सिंह, अमरेंद्र मिश्रा, मनोज सिंह, ओपी सिंह, शिवकुमार, जेपी सिंह, शिवबचन वर्मा, लक्ष्मण सिंह, रामधनी सिंह, सुरेश सिंह आदि रहे।