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Ballia News: 347 गांवों के मॉडल ओडीएफ परियोजनाओं पर आचार संहिता का ब्रेक
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉडल ओडीएफ योजना से 347 गांव अछूते हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता के कारण वित्तीय वर्ष 2024-25 के शुरुआती करीब तीन माह तक इन गांवों के लिए परियोजनाएं स्वीकृत नहीं हो सकेंगी।
उधर, बीते दो वित्तीय वर्षों में कुल 59.70 करोड़ की धनराशि जारी होने के बावजूद अभी तक कोई गांव मॉडल ओडीएफ नहीं हो सका है।स्वच्छ भारत मिशन के ओडीएफ प्लस टू के तहत अलग-अलग चरणों में सभी गांवों को मॉडल ओडीएफ गांव बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
पहले चरण की शुरुआत वर्ष 2022-23 में हुई और पंचायती राज विभाग की ओर से 145 ग्राम पंचायतों के 179 गांवों काे शामिल करते हुए 13.70 करोड़ की धनराशि जारी की गई। दूसरे चरण में वर्ष 2223-24 में कुल 448 ग्राम पंचायतों के 741 गांवों के लिए 46 करोड़ की धनराशि भेजी गई।
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वर्ष 2024-25 में तीसरे चरण में 347 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए विभाग ने कवायद शुरु करते हुए इन गांवों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आने वाले नए वित्तीय वर्ष में आचार संहिता के कारण नए कार्य नहीं होंगे। ऐसे में जिले के 347 गांवों को अगले करीब तीन माह तक स्वच्छता अभियान के तहत परियोजनाओं के लिए इंतजार करना होगा।
593 ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया जा चुका है धन
योजना के तहत गांवों को स्वच्छ रखने व मॉडल गांव बनाने के लिए कूड़ा संयत्र स्थापित करने साथ ही ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर आदि के प्रबंधन का प्रावधान है। बीते दो वित्तीय वर्षों में कुल 593 ग्राम पंचायतों के 920 राजस्व गांवों के लिए 59.70 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। लेकिन कई गांवों में इन कार्यों की गति अभी भी काफी सुस्त है। आलम यह है कि अभी तक कोई भी गांव मॉडल ओडीएफ नहीं हो सका है।
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उधर, बीते दो वित्तीय वर्षों में कुल 59.70 करोड़ की धनराशि जारी होने के बावजूद अभी तक कोई गांव मॉडल ओडीएफ नहीं हो सका है।स्वच्छ भारत मिशन के ओडीएफ प्लस टू के तहत अलग-अलग चरणों में सभी गांवों को मॉडल ओडीएफ गांव बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
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पहले चरण की शुरुआत वर्ष 2022-23 में हुई और पंचायती राज विभाग की ओर से 145 ग्राम पंचायतों के 179 गांवों काे शामिल करते हुए 13.70 करोड़ की धनराशि जारी की गई। दूसरे चरण में वर्ष 2223-24 में कुल 448 ग्राम पंचायतों के 741 गांवों के लिए 46 करोड़ की धनराशि भेजी गई।
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वर्ष 2024-25 में तीसरे चरण में 347 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए विभाग ने कवायद शुरु करते हुए इन गांवों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आने वाले नए वित्तीय वर्ष में आचार संहिता के कारण नए कार्य नहीं होंगे। ऐसे में जिले के 347 गांवों को अगले करीब तीन माह तक स्वच्छता अभियान के तहत परियोजनाओं के लिए इंतजार करना होगा।
593 ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया जा चुका है धन
योजना के तहत गांवों को स्वच्छ रखने व मॉडल गांव बनाने के लिए कूड़ा संयत्र स्थापित करने साथ ही ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर आदि के प्रबंधन का प्रावधान है। बीते दो वित्तीय वर्षों में कुल 593 ग्राम पंचायतों के 920 राजस्व गांवों के लिए 59.70 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। लेकिन कई गांवों में इन कार्यों की गति अभी भी काफी सुस्त है। आलम यह है कि अभी तक कोई भी गांव मॉडल ओडीएफ नहीं हो सका है।