बलिया नाव हादसा: मुंडन संस्कार के लिए घाट पर उमड़ी थी भीड़, चारों तरफ मची रही चीख पुकार, तीन की मौत, कई लापता
बलिया शहर से कुछ दूरी पर माल्देपुर संगम घाट पर सोमवार को नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अबतक तीन महिलाओं की मौत की खबर है। 15 से ज्यादा लोग अभी लापता हैं। एनडीआरएफ और पुलिस की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।
विस्तार
यूपी के बलिया जिले के माल्देपुर संगम घाट पर सोमवार सुबह लगभग 8 बजे मुंडन संस्कार के लिए गंगा के उस पार जा रही नाव डूब गई। नाव पर 30 से 35 लोग सवार थे। 12 लोगों को निकाला गया। शेष अन्य की तलाश जारी है। एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई। 8 लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें से तीन महिलाओं की मौत हो गई।
पांच घायलों में एक को गंभीर हालत में वाराणसी रेफर किया गया है। नाव डूबते ही घाट पर अफरा-तफरी की स्थिति मच गई। संयोग था कि नाव पीपे के पास थी। रस्सियों और कपड़ों के सहारे कई लोगों को बचाया गया। नाव सवार पुरुषों ने स्वयं किसी तरीके से बच कर महिलाओं को निकालना शुरू किया। किनारे से भी लोग छोटी-छोटी नाव लेकर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ।
परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने घटना की जांच की बात कही है। हादसे के बाद से घाट से लेकर अस्पताल तक घंटों तक चीखपुकार मची रही। घटनास्थल पर भारी भीड़ जुटी है। जिनके परिजन लापता हैं, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे से पहले तक मुंडन संस्कार के लिए चारों तरफ खुशियां थीं लेकिन अब माहौल गमगीन है।
ये भी पढ़ें: अवधेश राय हत्याकांड: 31 साल पुराने मामले में फैसला पांच जून को, क्या मुख्तार अंसारी को होगी सजा
नाव डूबने का कारण
गंगा के अन्य घाटों के साथ ही माल्देपुर संगम घाट पर सोमवार को मुंडन संस्कार के लिए हजारों की भीड़ जुटी थी। हालत ये थी एक नाव पर कई परिवारों के लोग सवार होकर गंगा उस पार पूजा करने के लिए जा रहे थे। नाविक भी अधिक कमाई के चक्कर में एक नाव पर क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर गंगा पार ले जा रहे थे। दुर्घटनाग्रस्त नाव पर भी 30 से 35 लोग सवार थे। नाव अभी किनारे से 10 से 15 मीटर आगे पहुंची थी कि पीपे के पास इंजन में रस्सी फंसने से इंजन बंद हो गया। इसके बाद दो पीपों के बीच नाव पर सवार लोग डगमगाने लगे। असंतुलित होकर नाव वहीं पलट गई।
नाव को डूबते देख घाट पर अफरा-तफरी मच गई। किनारे से छोटी-छोटी नाव लेकर लोग चल पड़े। नाव सवार पुरुष किसी तरीके से बचते हुए महिलाओं और बच्चों को बचाने लगे। पीपों के पास पड़ी ओहार की रस्सी और खराब कपड़ों की मदद से डूब रहे लोगों को किसी तरीके से बचाया गया। पुलिस के तीन-चार जवान भी मौजूद थे। पिकअप और मैजिक में लाद कर लोगों को जिला अस्पताल भेजा जाने लगा।
ये भी पढ़ें: जयमाल के दौरान दूल्हे ने की ऐसी हरकत, गुस्से से तमतमाई दुल्हन, शादी से किया इनकार
अस्पताल में अलर्ट हुआ घोषित
45 मिनट के बाद एंबुलेंस और एसओ फेफना आदि भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे। इधर, पहले तीन लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही अलर्ट जारी कर दिया गया कि और भी लोग आ रहे हैं। नीचे की इमरजेंसी वार्ड खाली करा ली गई।
इन तीन महिलाओं की हुई मौत
कुल 8 लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया। इसमें तीन महिलाओं सीमा यादव (32) पुत्री मखनू यादव निवासी नवानगर थाना बांसडीहरोड, इंद्रावती देवी (60) पत्नी नेपाल खरवार निवासी सोनबरसा, गंगोत्री देवी (55) पत्नी मुख्तार खरवार निवासी सोनबरसा की डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा सुकरा देवी (50) पत्नी शिवशंकर निवासी सागरपाली, मंजू देवी (32) पत्नी हरेंद्र प्रजापति निवासी लालगंज बैरिया, मालती देवी (55) निवासी सुखपुरा, सरोज कुमारी (35) पत्नी रंजीत कुमार ठाकुर निवासी न्यू बहेरी जलालपुर, जमुना देवी (45) पत्नी हरेराम यादव निवासी नवानगर थाना बांसडीहरोड का इलाज शुरू किया गया। मालती देवी को हालत गंभीर होने पर वाराणसी रेफर कर दिया गया। डीएम रविंद्र कुमार ने तीन मौत की पुष्टी की है। गंगा में डूबे लोगों की तलाश जारी है।