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भुआलछपरा और नौरंगा को बिहार से बिजली
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 02 Apr 2016 10:08 PM IST
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बिजली चोरी
- फोटो : Bureau
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बैरिया विधानसभा क्षेत्र के गंगा उस पार के दो गांव भुआलछपरा और नौरंगा को बिहार से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने वाराणसी के एमडी को पत्र लिखा है। इसमें बिहार से आपूर्ति होने वाले अन्य गांवों की तरह नौरंगा और भुआलछपरा में भी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।
सपा के जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव तथा महासचिव मनोज सिंह ने शनिवार को संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि नौरंगा तथा भुआलछपरा गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए 29 मार्च, 2016 को पत्र लिखा था। इस पर पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने कहा है कि जिस तरीके से गंगा उस पार बिहार लगे अन्य गांवों को बिजली दी जा रही है। उसी तर्ज पर भुआलछपरा और नौरंगा को भी बिजली देने की व्यवस्था कराई जाए।
मनोज सिंह कहा कि नौरंगा-भुआलछपरा गांव बिहार से सटे गंगा नदी के उस पार हैं। दोनों गांवों में आबादी करीब 15 हजार तक है। इन दोनों गांवों से प्रदेश सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। कहा कि गंगा उस पार होने के चलते इन गांवों को बिजली नसीब नहीं हो सकी। इसी तरह से बिहार राज्य के कुछ गांव मांझी घाट के आसपास उत्तर प्रदेश की सीमा में आते हैं। जिनको विद्युत आपूर्ति जयप्रकाशनगर फीडर से की जाती है।
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इसी के मद्देनजर प्रबंध निदेशक लखनऊ से दोनों गांवों के लिए बिजली की मांग की गई थी। यह भी बताया कि वैकल्पिक ऊर्जा के सचिव को पत्र लिखकर नौरंगा-भुआलछपरा के लिए वैकल्पिक ऊर्जा की भी मांग की गई थी। इस पर उन्होंने निदेशक नेडा को पत्र लिखकर आगामी वित्तीय वर्ष में इन दोनों गांवों को शामिल करने का निर्देश दिया है।
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सपा के जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव तथा महासचिव मनोज सिंह ने शनिवार को संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि नौरंगा तथा भुआलछपरा गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए 29 मार्च, 2016 को पत्र लिखा था। इस पर पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने कहा है कि जिस तरीके से गंगा उस पार बिहार लगे अन्य गांवों को बिजली दी जा रही है। उसी तर्ज पर भुआलछपरा और नौरंगा को भी बिजली देने की व्यवस्था कराई जाए।
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मनोज सिंह कहा कि नौरंगा-भुआलछपरा गांव बिहार से सटे गंगा नदी के उस पार हैं। दोनों गांवों में आबादी करीब 15 हजार तक है। इन दोनों गांवों से प्रदेश सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। कहा कि गंगा उस पार होने के चलते इन गांवों को बिजली नसीब नहीं हो सकी। इसी तरह से बिहार राज्य के कुछ गांव मांझी घाट के आसपास उत्तर प्रदेश की सीमा में आते हैं। जिनको विद्युत आपूर्ति जयप्रकाशनगर फीडर से की जाती है।
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इसी के मद्देनजर प्रबंध निदेशक लखनऊ से दोनों गांवों के लिए बिजली की मांग की गई थी। यह भी बताया कि वैकल्पिक ऊर्जा के सचिव को पत्र लिखकर नौरंगा-भुआलछपरा के लिए वैकल्पिक ऊर्जा की भी मांग की गई थी। इस पर उन्होंने निदेशक नेडा को पत्र लिखकर आगामी वित्तीय वर्ष में इन दोनों गांवों को शामिल करने का निर्देश दिया है।