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ज्यों-ज्यों की दवा, त्यों-त्यों बढता गया मर्ज
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बलिया। मर्ज बढ़ता गया, ज्यों-ज्यों दवा की। ये कहावत शहर में जाम की समस्या पर पूरी तरह सटीक बैठता है। क्योंकि शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के नाम पर प्रशासन अब तक जितनी भी कवायदें की, सब फेल हो चुकी हैं। लगभग साल भर पहले एक नई कवायद के रूप में शहर में लगने वाले सभी वाहन स्टैंडों को नगर से बाहर कर दिया गया, तर्क यही था कि इनसे जाम लगता है। अब हाल ये है कि शहर में तो जाम खत्म हुआ नहीं, शहर के बार्डर पर जहां इस समय ये स्टैंड संचालित हो रहे हैं, वे जाम के चार नए प्वाइंट बन गए हैं। इससे सुबह और शाम को जब आफिस जाने और छूटने का समय होता है, लोग परेशान हो जाते हैं।
कदम चौराहा: जाम से निजात दिलाने के उददेश्य से बैरिया जाने वाले वाहनों को शहर के बाहर कदम चौराहा के पास ही रोक दिया जाता है। इससे सुबह से लेकर शाम तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। जिससे शहर में प्रवेश से पूर्व ही लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ रहा है।
माल्देपुर: नरही, चितबडागांव और रसड़ा जाने वाले वाहनों का स्टैंड पूर्व में कटहल नाला पुल के समीप संचालित होता था। इसे प्रशासन ने जाम का कारक मानकर माल्देपुर में स्थानांतरित कर दिया। हालांकि इससे कटहल नाला पुल पर लगने वाला जाम समाप्त नहीं हुआ। अलबत्ता माल्देपुर मोड़ जाम का नया प्वाइंट जरूर बन गया है।
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रामपुर-बहादुरपुर: सिकंदरपुर, बेल्थरारोड समेत सुखपुरा व रतसर को जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश देने की बजाय रामपुर-बहादुरपुर में वाहन स्टैंड पर ही रोक दिया जाता हैँ। इससे जाम से तो मुक्ति नहीं मिल रही हैँ। अलबत्ता बहादुरपुर जाम का तीसरा स्थल जरूर बन गया हैँ। इससे लोगों को नगर में घुसने के लिए जाम से जूझना पड़ता हैँ।
परिखरा सब्जी मंडी: बांसडीह, सहतवार, रेवती और मनियर को जाने वाले वाहनों के लिए परिखरा सब्जी मंडी के समीप वाहन स्टैंड बना है। बावजूद इसके जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। हालांकि सड़क के मध्य बने डिवाईडर से कुछ हद तक राहत है। बावजूद इसके सड़क की पटरियों पर वाहनों के बेतरतीब खड़ा होने से यहां जाम का एक न्या प्वाइंट बन गया है।
अतिक्रमण है प्रमुख कारण
शहरवासियों के लिए नासूर बनी जाम की समस्या के पीछे मुख्यतया सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण है। इसे दुकानदारों द्वारा व्यवसायिक उपयोग में अतिक्रिमत कर लिया गया है। अतिक्रमण के कारण सड़कों का दायरा सिकुड़ गया है। जिससे आये दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
प्रभावहीन हुई ट्रैफिक व्यवस्था
इसे जाम का चमत्कार कहें या फिर कुछ और लेकिन जो भी हो। इतना तो है कि शहर की यातायात पुलिस जाम के झाम को रोकने में पूरी तरह विफल है। इस कारण शहर के प्रमुख स्थलों मसलन स्टेशन रोड, मालगोदाम, चौक, सिनेमा रोड, हास्पिटल रोड के अलावा रोडवेज, एनसीसी तिराहा, मिड्ढ़ी, चित्तू पांडे चौराहा आदि स्थानों पर वक्त बेवक्त जाम की समस्या सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ी दिखती है।
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कदम चौराहा: जाम से निजात दिलाने के उददेश्य से बैरिया जाने वाले वाहनों को शहर के बाहर कदम चौराहा के पास ही रोक दिया जाता है। इससे सुबह से लेकर शाम तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। जिससे शहर में प्रवेश से पूर्व ही लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ रहा है।
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माल्देपुर: नरही, चितबडागांव और रसड़ा जाने वाले वाहनों का स्टैंड पूर्व में कटहल नाला पुल के समीप संचालित होता था। इसे प्रशासन ने जाम का कारक मानकर माल्देपुर में स्थानांतरित कर दिया। हालांकि इससे कटहल नाला पुल पर लगने वाला जाम समाप्त नहीं हुआ। अलबत्ता माल्देपुर मोड़ जाम का नया प्वाइंट जरूर बन गया है।
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रामपुर-बहादुरपुर: सिकंदरपुर, बेल्थरारोड समेत सुखपुरा व रतसर को जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश देने की बजाय रामपुर-बहादुरपुर में वाहन स्टैंड पर ही रोक दिया जाता हैँ। इससे जाम से तो मुक्ति नहीं मिल रही हैँ। अलबत्ता बहादुरपुर जाम का तीसरा स्थल जरूर बन गया हैँ। इससे लोगों को नगर में घुसने के लिए जाम से जूझना पड़ता हैँ।
परिखरा सब्जी मंडी: बांसडीह, सहतवार, रेवती और मनियर को जाने वाले वाहनों के लिए परिखरा सब्जी मंडी के समीप वाहन स्टैंड बना है। बावजूद इसके जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। हालांकि सड़क के मध्य बने डिवाईडर से कुछ हद तक राहत है। बावजूद इसके सड़क की पटरियों पर वाहनों के बेतरतीब खड़ा होने से यहां जाम का एक न्या प्वाइंट बन गया है।
अतिक्रमण है प्रमुख कारण
शहरवासियों के लिए नासूर बनी जाम की समस्या के पीछे मुख्यतया सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण है। इसे दुकानदारों द्वारा व्यवसायिक उपयोग में अतिक्रिमत कर लिया गया है। अतिक्रमण के कारण सड़कों का दायरा सिकुड़ गया है। जिससे आये दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
प्रभावहीन हुई ट्रैफिक व्यवस्था
इसे जाम का चमत्कार कहें या फिर कुछ और लेकिन जो भी हो। इतना तो है कि शहर की यातायात पुलिस जाम के झाम को रोकने में पूरी तरह विफल है। इस कारण शहर के प्रमुख स्थलों मसलन स्टेशन रोड, मालगोदाम, चौक, सिनेमा रोड, हास्पिटल रोड के अलावा रोडवेज, एनसीसी तिराहा, मिड्ढ़ी, चित्तू पांडे चौराहा आदि स्थानों पर वक्त बेवक्त जाम की समस्या सुरसा की तरह मुंह बाये खड़ी दिखती है।