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बलिया पेपर लीक मामला : उठा सवाल, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम की पकड़ में क्यों नहीं आई घटना
Sat, 09 Apr 2022 01:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 09 Apr 2022 01:33 AM IST
सार
सवाल उठने लगा है कि पेपर लीक की घटना ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम की पकड़ में क्यों नहीं आई? इसके बाद जब प्रश्नपत्र बिकने लगा तो मनमानी तरीके से मुकदमा दर्ज कराकर प्रशासन अपनी गर्दन बचाने में जुट गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर क्लोज सर्किट कैमरे, वायस रिकार्डर लगवाना अनिवार्य है। इनका लिंक जिले के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। ताकि परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी की जा सके। सवाल उठने लगा है कि पेपर लीक की घटना ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम की पकड़ में क्यों नहीं आई? इसके बाद जब प्रश्नपत्र बिकने लगा तो मनमानी तरीके से मुकदमा दर्ज कराकर प्रशासन अपनी गर्दन बचाने में जुट गया।
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बोर्ड परीक्षा के दौरान केंद्रों पर नकल रोकने के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं। शासन की ओर से नकल विहीन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस को दी गई है। परीक्षा केंद्रों पर लगे कैमरों और वायस रिकार्डर से ऑनलाइन निगरानी का भी इंतजाम किया गया है।
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इसके अलावा जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके बावजूद परीक्षा केंद्र से पेपर लीक हो गया और जिला प्रशासन के सारे इंतजाम धरे रह गए। इसके दो कारण हो सकते हैं। पहला, परीक्षा केंद्र पर माकूल इंतजाम नहीं किया गया। दूसरा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम फेल रहा।
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कई अधिकारी और सफेदपोश रडार पर
बलिया। पेपर लीक मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। इस मामले में कई अधिकारी व सफेदपोश रडार पर हैं। शासन की तीन सदस्यीय टीम भी दो दिन तक जिले में केंद्र निर्धारण से लेकर अन्य मामलों की पत्रावलियां खंगालने के बाद लौट चुकी है। मामले में अब बड़ी कार्रवाई होने के आसार हैं।