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Ballia News: क्रांतिकारी वीरों को याद कर मनाया बलिया महोत्सव
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बलिया। जनपद के स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय बलिया महोत्सव का शानदार आगाज बुधवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में हुआ। महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और विशिष्ट अतिथि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पहले दिन जिले में विकास के क्षेत्र में अलग उत्कृष्ट कार्य करने वाले 51 ग्राम प्रधानों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति से की गई।मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने क्रांतिकारी वीरों को नमन किया। कहा कि भारत की मूल परंपरा और सनातन संस्कृति को बचाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। पर्यटन विभाग व संस्कृति विभाग लगातार प्रयासरत है। वाराणसी, मथुरा, अयोध्या के अलौकिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। बलिया महोत्सव का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है। इसके जरिए बलिया की सनातनी संस्कृति व इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया जा सकेगा।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया महोत्सव कराने की सोच पहले से ही थी, ताकि यहां की विरासत, सांस्कृतिक व क्रान्तिकारी इतिहास के बारे में लोग जान सकें। यह दिन बलिया के गौरवशाली इतिहास को याद करने का भी दिन है। कहा कि गंगा नदी पर तीन घाट बनेंगे। जिसमें एक घाट स्वीकृत भी हो गया है।
सुरहाताल को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 15 करोड़ की पहली किस्त भी मिल चुकी है। जल्द ही बलिया भी विकास की दौड़ में अगली कतार में दिखेगा। डीएम रविन्द्र कुमार ने कहा कि बलिया का अपना बलिदानी इतिहास रहा है। जनपद स्थापना दिवस के अवसर पर बलिया की मिट्टी और यहां की संस्कृति को नजदीक से समझने का मौका बलिया महोत्सव के रूप में देखने को मिलेगा।
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अगले वर्ष से एक सप्ताह का होगा महोत्सव : बलिया। परिवहन मंत्री ने कहा कि तीन दिन के महोत्सव में सम्भवतः इस वर्ष कुछ कमियां रह गई होंगी। अगले वर्ष से यह महोत्सव एक सप्ताह का होगा, और भव्य होगा। यहां के लोग विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन हैं। उन ‘लिविंग लिजेन्ड्स ऑफ बलिया‘ को महोत्सव में आमंत्रित कर ‘बलिया रत्न‘ से सम्मानित किया जाएगा। बलिया के विकास में उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित कराई जाएगी। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव ने भी सम्बोधित किया। पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, नगरपालिका परिषद के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाईलाल, जिलाधिकारी एस.आनन्द, एसपी एस. आनन्द सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कत्थक नृत्य के जरिए दिखाया भगवान शिव का रूप: महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय शास्त्रीय संगीत से हुई। इसमें कलाकार रुद्र शंकर मिश्र ने कत्थक नृत्य के जरिए भगवान शिव के कई रूप दिखाए। उन्होंने शिव स्तुति से लेकर शिव तांडव तक के शिव के रूप को अपने नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया। इसके अलावा घुंघरू की आवाज से चलती ट्रेन की आवाज सुनाकर सबको आश्चर्यचकित कर किया। रूद्र शंकर की अद्भुत प्रस्तुति पर खासकर मौजूद स्कूली बच्चे काफी उत्साहित दिखे।
चला सूफी आवाज का जादू...कैलाश खेर संग झूमे लोग : बलिया महोत्सव के मंच पर बुधवार रात प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर की आवाज का जादू श्रोताओं पर खूब चला। सूफी सुरों की गंगा में श्रोताओं ने देररात तक डुबकी लगाई। शाम 6 बजे से ही लोग उनके गीतों को सुनने के लिए कुर्सियों पर जमे रहे। इंतजार के बाद जब वे मंच पर आए, तो उन्होंने सुरों की महफिल सजाकर लोगों के दिलों में गर्मजोशी से ठंड में गर्मी का अहसास करा दिया। बगड़...बम..बम..बम लहरी...., कागा सब तन खाइयो मेरा चुन...चुन..खाइयो मांस..., जाना जोगी दे नाल... सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया महोत्सव कराने की सोच पहले से ही थी, ताकि यहां की विरासत, सांस्कृतिक व क्रान्तिकारी इतिहास के बारे में लोग जान सकें। यह दिन बलिया के गौरवशाली इतिहास को याद करने का भी दिन है। कहा कि गंगा नदी पर तीन घाट बनेंगे। जिसमें एक घाट स्वीकृत भी हो गया है।
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सुरहाताल को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 15 करोड़ की पहली किस्त भी मिल चुकी है। जल्द ही बलिया भी विकास की दौड़ में अगली कतार में दिखेगा। डीएम रविन्द्र कुमार ने कहा कि बलिया का अपना बलिदानी इतिहास रहा है। जनपद स्थापना दिवस के अवसर पर बलिया की मिट्टी और यहां की संस्कृति को नजदीक से समझने का मौका बलिया महोत्सव के रूप में देखने को मिलेगा।
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अगले वर्ष से एक सप्ताह का होगा महोत्सव : बलिया। परिवहन मंत्री ने कहा कि तीन दिन के महोत्सव में सम्भवतः इस वर्ष कुछ कमियां रह गई होंगी। अगले वर्ष से यह महोत्सव एक सप्ताह का होगा, और भव्य होगा। यहां के लोग विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन हैं। उन ‘लिविंग लिजेन्ड्स ऑफ बलिया‘ को महोत्सव में आमंत्रित कर ‘बलिया रत्न‘ से सम्मानित किया जाएगा। बलिया के विकास में उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित कराई जाएगी। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव ने भी सम्बोधित किया। पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, नगरपालिका परिषद के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाईलाल, जिलाधिकारी एस.आनन्द, एसपी एस. आनन्द सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कत्थक नृत्य के जरिए दिखाया भगवान शिव का रूप: महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय शास्त्रीय संगीत से हुई। इसमें कलाकार रुद्र शंकर मिश्र ने कत्थक नृत्य के जरिए भगवान शिव के कई रूप दिखाए। उन्होंने शिव स्तुति से लेकर शिव तांडव तक के शिव के रूप को अपने नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया। इसके अलावा घुंघरू की आवाज से चलती ट्रेन की आवाज सुनाकर सबको आश्चर्यचकित कर किया। रूद्र शंकर की अद्भुत प्रस्तुति पर खासकर मौजूद स्कूली बच्चे काफी उत्साहित दिखे।
चला सूफी आवाज का जादू...कैलाश खेर संग झूमे लोग : बलिया महोत्सव के मंच पर बुधवार रात प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर की आवाज का जादू श्रोताओं पर खूब चला। सूफी सुरों की गंगा में श्रोताओं ने देररात तक डुबकी लगाई। शाम 6 बजे से ही लोग उनके गीतों को सुनने के लिए कुर्सियों पर जमे रहे। इंतजार के बाद जब वे मंच पर आए, तो उन्होंने सुरों की महफिल सजाकर लोगों के दिलों में गर्मजोशी से ठंड में गर्मी का अहसास करा दिया। बगड़...बम..बम..बम लहरी...., कागा सब तन खाइयो मेरा चुन...चुन..खाइयो मांस..., जाना जोगी दे नाल... सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।