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Ballia Ground Report: सत्तू कारोबार से विदेशों तक पहचान, मंगल पांडे स्मारक और रोजगार पर लोगों ने बताई अपनी राय
Thu, 14 May 2026 09:14 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Thu, 14 May 2026 09:14 PM IST
सार
Ballia Ground Report: अमर उजाला की टीम यूपी कितना सक्षम है कवरेज के तहत बलिया पहुंची, जहां विश्वविद्यालय, गांवों की स्थिति, ओडीओपी योजना और महर्षि भृगु कॉरिडोर परियोजना से जुड़े पहलुओं की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इस दौरान स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत कर विभिन्न मुद्दों पर उनकी राय जानी।
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Ballia Ground Report
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
Ballia Ground Report: उत्तर प्रदेश विधानसभा 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और रणनीति पर काम तेज कर दिया है। इसी क्रम में अमर उजाला की टीम लगातार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही है। इसी कवरेज के तहत टीम बलिया पहुंची, जहां विश्वविद्यालय, ग्रामीण क्षेत्र, रोजगार और कारोबार जैसे विषयों पर स्थानीय लोगों से बातचीत कर जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया।
शहीद मंगल पांडे के गांव नगवा में लोगों की राय
अमर उजाला की टीम बलिया के शहीद मंगल पांडे के गांव नगवा पहुंची। यहां स्थानीय लोगों ने बताया कि स्मारक परिसर का कायाकल्प किया गया है और वहां विकास कार्य हुए हैं। स्थानीय निवासी नीतीश ठाकुर ने कहा कि वह 1857 की क्रांति के नायक शहीद मंगल पांडे के पैतृक गांव से हैं, जिस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने बताया कि पहले स्मारक परिसर की स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन बाद में नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण के काम हुए। उनके अनुसार परिसर में मंच निर्माण, मूर्ति की रंगाई पुताई और अन्य सुधार कार्य किए गए हैं, जिससे स्थल की स्थिति में बदलाव देखने को मिला है।
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शहीद मंगल पांडे के गांव नगवा में लोगों की राय
अमर उजाला की टीम बलिया के शहीद मंगल पांडे के गांव नगवा पहुंची। यहां स्थानीय लोगों ने बताया कि स्मारक परिसर का कायाकल्प किया गया है और वहां विकास कार्य हुए हैं। स्थानीय निवासी नीतीश ठाकुर ने कहा कि वह 1857 की क्रांति के नायक शहीद मंगल पांडे के पैतृक गांव से हैं, जिस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने बताया कि पहले स्मारक परिसर की स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन बाद में नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण के काम हुए। उनके अनुसार परिसर में मंच निर्माण, मूर्ति की रंगाई पुताई और अन्य सुधार कार्य किए गए हैं, जिससे स्थल की स्थिति में बदलाव देखने को मिला है।
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महर्षि भृगु कॉरिडोर परियोजना
बलिया, जो गंगा और सरयू के संगम क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है, अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए पहचान रखता है। यहां स्थित महर्षि भृगु आश्रम आस्था और प्राचीन परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहीं महर्षि भृगु ने तपस्या की थी और भृगु संहिता की रचना की थी, जिससे इस क्षेत्र को ज्योतिषीय परंपरा से जोड़ा जाता है। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र ददरी मेले के कारण भी विशेष महत्व रखता है। बीते कुछ वर्षों में इस क्षेत्र के विकास के लिए महर्षि भृगु कॉरिडोर परियोजना पर काम किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मंदिर क्षेत्र, गंगा तट और मेले के इलाके को एकीकृत धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करना है।
बलिया में ओडीओपी और सत्तू कारोबार
बलिया में ओडीओपी योजना के बाद सत्तू कारोबार से जुड़े लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। छोटे लाल साहनी सहित स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि पहले पारंपरिक तरीके से उत्पादन किया जाता था, लेकिन अब उत्पादन क्षमता में बदलाव आया है। कारोबारियों के अनुसार सत्तू की मांग आसपास के जिलों के साथ साथ अन्य राज्यों और विदेशों तक भी पहुंच रही है। उनका कहना है कि गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी के साथ साथ सऊदी अरब और अमेरिका तक भी सत्तू का निर्यात हो रहा है।
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय पर बातचीत
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के तहत प्रयास जारी हैं। उनके अनुसार 2017 के बाद से विश्वविद्यालय के विकास और विस्तार की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है।