बलिया जेल में बवाल: अवकाश पर चल रहे जेलर भी हुए निलंबित, कई और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय
14 जुलाई को पहली बार जेल में बवाल हुआ था। मामला शांत कराने के लिए आंसू गैस के गोले तक छोड़े गए थे । फिर 11 अगस्त की रात को जेल में कैदी अनशन पर बैठ गए और 12 अगस्त को प्रभारी कारापाल पर जानलेवा हमला किया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलिया जिला कारागार में पिछले दिनों हुए बवाल को लेकर शासन की कार्रवाई जारी है। मामले में अवकाश पर चल रहे जेलर अंजनी गुप्ता को निलंबित कर दिया है। उन्हें भी कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से संबद्ध किया गया है। इसके पहले शासन ने जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा को निलंबित कर दिया था। अभी कुछ और अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है।
जेल में पिछले दिनों डीएम अदिति सिंह एवं तत्कालीन एसपी डा. विपिन ताडा ने फोर्स के साथ जेल का निरीक्षण किया था। जिसमें पांच मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं थी। इसके बाद डीआईजी कारागार गोरखपुर-वाराणसी क्षेत्र एके सिंह ने जांच की थी। उन्होंने रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसके बाद से कार्रवाई का अंदेशा जताया जा रहा था।
मंगलवार को अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा के निलंबन व अन्य की संस्तुति का आदेश जारी किया था। बुधवार की देर रात शासन ने अवकाश पर चल रहे जेलर अंजनी गुप्ता को भी निलंबित कर दिया। उधर, जेल में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कार्रवाई को लेकर सशंकित हैं।
गौरतलब है कि 14 जुलाई को पहली बार जेल में बवाल हुआ था। मामला शांत कराने के लिए आंसू गैस के गोले तक छोड़े गए थे , 11 अगस्त की रात को जेल में कैदी अनशन पर बैठ गए और 12 अगस्त को प्रभारी कारापाल पर जानलेवा हमला किया गया था।