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बाढ़ का पानी कम होने बढ़ गई है दुश्वारियां
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 30 Aug 2016 08:12 PM IST
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दुबहर स्थित डूबे ईंट भ_े से बाढ़ का पानी घटने के बाद खाली दिख रही जमीन।
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क्षेत्र के भरसर, भीमपट्टी, दुबहर (स) आदि गांवों में बाढ़ का पानी अब तक न निकलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी में अब भी लोगों को कमर तक पानी से होकर अपने घरों को जाना पड़ रहा है। गांव के विशुनदेव ठाकुर, श्रीकांत तिवारी, जितेंद्र सिंह, सुभाष तिवारी, राजनारायण तिवारी गनेश पटेल आदि ने जिला प्रशासन से बाढ़ का पानी निकलवाने की मांग की है।
लोगों का कहना है बाढ़ का पानी एक जगह जमा होने से बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है। वहीं गांव में दाद, खाज, सहित अन्य चर्म रोग से लोग बेचैनी बढ़ गई। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल पानी की निकासी कराने की मांग की है।
सागरपाली संवाददाता के मुताबिक, क्षेत्र के बघेजी, गंगहरा, हसनपुरा, थम्हनपुरा, इंदरपुर, अंजोरपुर, मझरिया समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी करीब पांच फीट तक कम हो गया। जिसके चलते लोग अपने घरों में चले गए। लेकिन स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारियों द्वारा दवा का छिड़काव नहीं किए जाने से महामारी की संभावना प्रबल हो गई है। लोग विभिन्न बीमारियों की जद में आ रहे है। ग्रामीणों ने दवा के छिड़काव की मांग जिला प्रशासन से की है।
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लोगों का कहना है बाढ़ का पानी एक जगह जमा होने से बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है। वहीं गांव में दाद, खाज, सहित अन्य चर्म रोग से लोग बेचैनी बढ़ गई। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल पानी की निकासी कराने की मांग की है।
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सागरपाली संवाददाता के मुताबिक, क्षेत्र के बघेजी, गंगहरा, हसनपुरा, थम्हनपुरा, इंदरपुर, अंजोरपुर, मझरिया समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी करीब पांच फीट तक कम हो गया। जिसके चलते लोग अपने घरों में चले गए। लेकिन स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारियों द्वारा दवा का छिड़काव नहीं किए जाने से महामारी की संभावना प्रबल हो गई है। लोग विभिन्न बीमारियों की जद में आ रहे है। ग्रामीणों ने दवा के छिड़काव की मांग जिला प्रशासन से की है।
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