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पोस्टमार्टम, जांच के दिए टिप्स
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:36 PM IST
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विधि विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक एसबी उपाध्याय तथा डिप्टी डायरेक्टर डा. जीएस खान की देखरेख में शनिवार को पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में पुलिस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला जज चिंतामणि तिवारी ने किया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को अंत्य परीक्षण सहित विभिन्न मामलों की जांच-पड़ताल के लिए टिप्स दिए गए। विधि विज्ञान केंद्र के निदेशक ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर चिकित्सकों की भी एक बैठक ली।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधि विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक एसबी उपाध्याय ने कहा कि समय के साथ ही सब कुछ बदलता जा रहा है। ऐसे में अपराध करने वाले अपराधियों को दंड दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों को विधि विज्ञान की जानकारी अति आवश्यक है।
ताकि साक्ष्य के अभाव में पुलिस को कोर्ट में मुंह की न खानी पड़े। उन्होंने किसी व्यक्ति की हत्या के बाद उसके अंत्यपरीक्षण के दौरान जांच के लिए लिए जाने वाले सेैंपल के संबध में विशेष जानकारी दी। कहा कि अपराधी को पकड़ने के लिए उसको संबंधित विभिन्न साक्ष्याें को एकत्रित करना पड़ता है। जिसमें डीएन, ब्लड, बिसरा आदि तत्वों को बारीकी से सहेजकर रखना होता है।
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उन्होंने इन तत्वों को लेने के तरीकों के साथ ही इसके रख-रखाव की जानकारी दी। कहा कि जानकारी के अभाव में पोस्टमार्टम के समय आवश्यक तत्वों को छोड़ दिया जाता है। जिसका लाभ अपराधी कोर्ट में उठाकर बच निकलता है। कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक राजू बाबू सिंह, सीएमओ डा. पीके सिंह अपर पुलिस अधीक्षक केसी गोस्वामी, आरआई त्रयंबक मिश्र सहित विभिन्न सर्किलों के सीओ और थानाें के थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
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कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधि विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक एसबी उपाध्याय ने कहा कि समय के साथ ही सब कुछ बदलता जा रहा है। ऐसे में अपराध करने वाले अपराधियों को दंड दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों को विधि विज्ञान की जानकारी अति आवश्यक है।
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ताकि साक्ष्य के अभाव में पुलिस को कोर्ट में मुंह की न खानी पड़े। उन्होंने किसी व्यक्ति की हत्या के बाद उसके अंत्यपरीक्षण के दौरान जांच के लिए लिए जाने वाले सेैंपल के संबध में विशेष जानकारी दी। कहा कि अपराधी को पकड़ने के लिए उसको संबंधित विभिन्न साक्ष्याें को एकत्रित करना पड़ता है। जिसमें डीएन, ब्लड, बिसरा आदि तत्वों को बारीकी से सहेजकर रखना होता है।
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उन्होंने इन तत्वों को लेने के तरीकों के साथ ही इसके रख-रखाव की जानकारी दी। कहा कि जानकारी के अभाव में पोस्टमार्टम के समय आवश्यक तत्वों को छोड़ दिया जाता है। जिसका लाभ अपराधी कोर्ट में उठाकर बच निकलता है। कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक राजू बाबू सिंह, सीएमओ डा. पीके सिंह अपर पुलिस अधीक्षक केसी गोस्वामी, आरआई त्रयंबक मिश्र सहित विभिन्न सर्किलों के सीओ और थानाें के थानाध्यक्ष मौजूद रहे।