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बैठक में भिड़ गए सांसद भरत सिंह और नीरज शेखर
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Tue, 14 Jul 2015 11:57 PM IST
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विकास भवन सभागार में मंगलवार को अपराह्न तीन बजे आयोजित जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसदद्वय नीरज शेखर और भरत सिंह आपस में भिड़ गए। दोनों सांसदों ने एक-दूसरे को आपत्तिजनक शब्द भी कहे। माहौल गरमाता देख उनके समर्थक भी आमने-सामने आ गए। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई।
मामला बिगड़ता देख डीएम ने पुलिस अधीक्षक को सूचना दे दी। कुछ ही देर में विकास भवन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मामला शांत होने पर भाजपा सांसद तो चले गए, लेकिन राज्यसभा सांसद वहीं डटे रहे।
सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा की अध्यक्षता में दोपहर तीन बजे विकास भवन के सभागार में जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक चल रही थी। इसमें राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, भाजपा सांसद भरत सिंह, विधायक, ब्लाक प्रमुख सहित अन्य नेताओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसी दौरान भाजपा सांसद भरत सिंह ने द्वाबा में कराए गए कटानरोधी कार्य पर अपनी बात रखनी शुरू की।
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आरोप है कि इस दौरान वे कुछ आपत्तिजनक बोल गए। इसपर सांसद नीरज शेखर आगबबूला हो गए। वह कुर्सी छोड़ उनके पास पहुंच गए, लेकिन सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा ने बीच-बचाव कर दोनों सांसदों को शांत करा दिया। कई अधिकारी भी बचाव में उतर गए। बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार सांसद भरत सिंह का कुछ अनाधिकृत लोगों को बैठक से बाहर जाने के लिए कहना सपा सांसद नीरज शेखर को खराब लगा। उन्होंने इसे बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का अपमान बताया।
दोनों सांसदों को भिड़ते देख उनके समर्थक भी आमने-सामने आ गए। बैठक में कुर्सी चलने की बात भी सामने आ रही थी, लेकिन किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। सांसदों के भिड़ने की सूचना पर पुलिस कप्तान ने कई थानों की पुलिस एवं रिजर्व फोर्स को विकास भवन बुला लिया। मामला शांत होते ही भाजपा सांसद तो चले गए, जबकि राज्यसभा सांसद वहीं डटे रहे। इस दौरान सपा सांसद के समर्थकों ने भाजपा के खिलाफ हूटिंग भी की।
सूबे में कई साल से सपा की सरकार है, लेकिन द्वाबा में कटान रोकने और गांवों को बचाने का काम जनप्रतिनिधि अथवा सरकार ने कभी नहीं किया। मेरी पहल पर वित्तमंत्री के सहयोग से कटानरोधी कार्य पूरा कराया गया है, जबकि सांसद नीरज शेखर इसे सूबे की सरकार द्वारा कराया गया काम बता रहे हैं। सूबे में हुए एनआरएचएम घोटाले का पैसा जनप्रतिनिधि के पास है और उसी से वह कई लग्जरी वाहनों को लेकर चल रहे हैं।- भरत सिंह, भाजपा सांसद
विकास भवन के सभागार में मंगलवार को अनुश्रवण समति की बैठक चल रही थी कि इसी दौरान भाजपा सांसद भरत सिंह द्वाबा में बाढ़ के लिए आए धन को प्रदेश सरकार का नहीं बल्कि केंद्रीय सरकार द्वारा भेजा गया बताने लगे। जब मैंने विरोध किया और कहा कि यह पैसा प्रदेश सरकार की तरफ से आया है, आपको इसकी जानकारी नहीं है तो वे भड़क गए और अपशब्द बोलने लगे। -नीरज शेखर, राज्यसभा सांसद
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मामला बिगड़ता देख डीएम ने पुलिस अधीक्षक को सूचना दे दी। कुछ ही देर में विकास भवन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मामला शांत होने पर भाजपा सांसद तो चले गए, लेकिन राज्यसभा सांसद वहीं डटे रहे।
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सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा की अध्यक्षता में दोपहर तीन बजे विकास भवन के सभागार में जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक चल रही थी। इसमें राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, भाजपा सांसद भरत सिंह, विधायक, ब्लाक प्रमुख सहित अन्य नेताओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसी दौरान भाजपा सांसद भरत सिंह ने द्वाबा में कराए गए कटानरोधी कार्य पर अपनी बात रखनी शुरू की।
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आरोप है कि इस दौरान वे कुछ आपत्तिजनक बोल गए। इसपर सांसद नीरज शेखर आगबबूला हो गए। वह कुर्सी छोड़ उनके पास पहुंच गए, लेकिन सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा ने बीच-बचाव कर दोनों सांसदों को शांत करा दिया। कई अधिकारी भी बचाव में उतर गए। बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार सांसद भरत सिंह का कुछ अनाधिकृत लोगों को बैठक से बाहर जाने के लिए कहना सपा सांसद नीरज शेखर को खराब लगा। उन्होंने इसे बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का अपमान बताया।
दोनों सांसदों को भिड़ते देख उनके समर्थक भी आमने-सामने आ गए। बैठक में कुर्सी चलने की बात भी सामने आ रही थी, लेकिन किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। सांसदों के भिड़ने की सूचना पर पुलिस कप्तान ने कई थानों की पुलिस एवं रिजर्व फोर्स को विकास भवन बुला लिया। मामला शांत होते ही भाजपा सांसद तो चले गए, जबकि राज्यसभा सांसद वहीं डटे रहे। इस दौरान सपा सांसद के समर्थकों ने भाजपा के खिलाफ हूटिंग भी की।
सूबे में कई साल से सपा की सरकार है, लेकिन द्वाबा में कटान रोकने और गांवों को बचाने का काम जनप्रतिनिधि अथवा सरकार ने कभी नहीं किया। मेरी पहल पर वित्तमंत्री के सहयोग से कटानरोधी कार्य पूरा कराया गया है, जबकि सांसद नीरज शेखर इसे सूबे की सरकार द्वारा कराया गया काम बता रहे हैं। सूबे में हुए एनआरएचएम घोटाले का पैसा जनप्रतिनिधि के पास है और उसी से वह कई लग्जरी वाहनों को लेकर चल रहे हैं।- भरत सिंह, भाजपा सांसद
विकास भवन के सभागार में मंगलवार को अनुश्रवण समति की बैठक चल रही थी कि इसी दौरान भाजपा सांसद भरत सिंह द्वाबा में बाढ़ के लिए आए धन को प्रदेश सरकार का नहीं बल्कि केंद्रीय सरकार द्वारा भेजा गया बताने लगे। जब मैंने विरोध किया और कहा कि यह पैसा प्रदेश सरकार की तरफ से आया है, आपको इसकी जानकारी नहीं है तो वे भड़क गए और अपशब्द बोलने लगे। -नीरज शेखर, राज्यसभा सांसद