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बलिया के आशुतोष को सिविल सेवा में मिली 302वीं रैंक
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सिविल सेवा 2019 में 302वीं रैंक पाने वाले आशुतोष पांडेय।
- फोटो : BALLIA
बलिया। शहर से सटे सनाथ पांडे के छपरा निवासी आशुतोष पांडे ने सिविल सेवा (2019) की परीक्षा में दूसरी बार सफलता हासिल की है। मंगलवार को घोषित अंतिम परिणाम में आशुतोष को 302वीं रैंक मिली है। उन्होंने इससे पहले वर्ष 2017 में सफलता हासिल की थी। तब उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) मिला था। वे इस समय नागपुर में सहायक आयुक्त आयकर के पद पर तैनात हैं।
सरस्वती शिशु मंदिर (भृगुआश्रम, बलिया) से पांचवीं तथा उसके बाद केन्द्रीय विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले आशुतोष बचपन से ही मेधावी रहे। 10वीं में 94 व 12वीं में 95 प्रतिशत अंकों के साथ जिले के टॉपर रहे। इसके बाद उन्होंने बिट्स पिलानी से 2016 में कम्प्यूटर साइंस में बीटेक किया। वर्ष 2016 से 2018 तक सैमसंग रिसर्च सेंटर, बंगलुरू में नौकरी की। तभी 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी मिली। सिविल की परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय मानव विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) रहा।
आशुतोष ने कहा कि सफलता व असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हर असफलता हमें कुछ सीखाती है। उससे सीख लेते हुए संघर्ष करते जाना है। ध्यान रखना होगा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। आशुतोष के पिता अजय पांडे अधिवक्ता हैं, जबकि मां आशा पांडे एलआईसी से जुड़ी हैं। एक बहन आईआईटी गुआहाटी से बी-टेक करने के बाद पुणे में जॉब कर रही हैं, जबकि दूसरी केन्द्रीय विद्यालय, बलिया में पढ़ाई कर रही है। आशुतोष ने अपनी सपलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही नाना रामपदारथ तिवारी को दिया, जो पीएन इंटर कालेज दूबेछपरा से रिटायर शिक्षक हैं।
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सरस्वती शिशु मंदिर (भृगुआश्रम, बलिया) से पांचवीं तथा उसके बाद केन्द्रीय विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले आशुतोष बचपन से ही मेधावी रहे। 10वीं में 94 व 12वीं में 95 प्रतिशत अंकों के साथ जिले के टॉपर रहे। इसके बाद उन्होंने बिट्स पिलानी से 2016 में कम्प्यूटर साइंस में बीटेक किया। वर्ष 2016 से 2018 तक सैमसंग रिसर्च सेंटर, बंगलुरू में नौकरी की। तभी 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी मिली। सिविल की परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय मानव विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) रहा।
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आशुतोष ने कहा कि सफलता व असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हर असफलता हमें कुछ सीखाती है। उससे सीख लेते हुए संघर्ष करते जाना है। ध्यान रखना होगा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। आशुतोष के पिता अजय पांडे अधिवक्ता हैं, जबकि मां आशा पांडे एलआईसी से जुड़ी हैं। एक बहन आईआईटी गुआहाटी से बी-टेक करने के बाद पुणे में जॉब कर रही हैं, जबकि दूसरी केन्द्रीय विद्यालय, बलिया में पढ़ाई कर रही है। आशुतोष ने अपनी सपलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही नाना रामपदारथ तिवारी को दिया, जो पीएन इंटर कालेज दूबेछपरा से रिटायर शिक्षक हैं।
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