{"_id":"570d0cf44f1c1b5f024a6ab8","slug":"ashram-paddhati-me-nahi-chahiye-pravesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"आश्रम पद्धति विद्यालय में नहीं चाहिए किसी को प्रवेश!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आश्रम पद्धति विद्यालय में नहीं चाहिए किसी को प्रवेश!
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 12 Apr 2016 08:27 PM IST
विज्ञापन
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय लाखामंडल
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बस्तौरा रसड़ा में कक्षा छह में प्रवेश के लिए अभी तक एक बच्चा भी नहीं पहुंचा है, जबकि प्रवेश की अंतिम तिथि बीतने में केवल तीन दिन ही शेष हैं। विद्यालय में प्रवेश पाये बच्चों की शिक्षा नि:शुल्क दी जाती है।
विद्यालय प्रशासन की लापरवाही कहें या प्रचार माध्यम कि कमी कि प्रवेश के बच्चों का चयन हो जाने के बाद भी अद्यतन एक भी बच्चे ने प्रवेश पाने के लिए विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराया है। जबकि विद्यालय प्रशासन द्वारा कक्षा छह में प्रवेश के लिए नौ से 15 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया था।
प्रवेश के लिए अंतिम तिथि बीतने में मात्र तीन दिन ही शेष है। यही नहीं चौदह अप्रैल को हुई कक्षा छह के लिए प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त रजनीश कुमार पुत्र छांगुर भी इस आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश को उत्सुक नहीं दिखा।
विज्ञापन
विद्यालय के प्रधानाचार्य डा कालिका प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विद्यालय में कक्षा छह में कुल तीस बच्चों को प्रवेश दिलाना है जिसकी सूची विद्यालय में चश्पा कर दी गई तथा बच्चों के अभिभावकों को प्रवेश तिथि की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
विज्ञापन
विद्यालय प्रशासन की लापरवाही कहें या प्रचार माध्यम कि कमी कि प्रवेश के बच्चों का चयन हो जाने के बाद भी अद्यतन एक भी बच्चे ने प्रवेश पाने के लिए विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराया है। जबकि विद्यालय प्रशासन द्वारा कक्षा छह में प्रवेश के लिए नौ से 15 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया था।
विज्ञापन
प्रवेश के लिए अंतिम तिथि बीतने में मात्र तीन दिन ही शेष है। यही नहीं चौदह अप्रैल को हुई कक्षा छह के लिए प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त रजनीश कुमार पुत्र छांगुर भी इस आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश को उत्सुक नहीं दिखा।
विज्ञापन
विद्यालय के प्रधानाचार्य डा कालिका प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विद्यालय में कक्षा छह में कुल तीस बच्चों को प्रवेश दिलाना है जिसकी सूची विद्यालय में चश्पा कर दी गई तथा बच्चों के अभिभावकों को प्रवेश तिथि की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।