{"_id":"5fb95e1a8ebc3e9b8817669f","slug":"ashish-asked-for-argyam-to-the-rising-sun-ballia-news-vns559393930","type":"story","status":"publish","title_hn":"उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर मांगा आशीष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर मांगा आशीष
विज्ञापन
नगर के रामलीला मैदान में छठ पर्व के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : BALLIA
फोटो सहति....
डाला छठ: उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का किया पारण
पुत्र के दीर्घायु और परिवार के मंगल की कामना की, नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों विभिन्न घाटों पर व्रती महिलाओं ने दिया अर्ध्य
घाटों पर सतर्क रहे पुलिस के जवान, नदियों में गोताखोरों को किया गया था तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ शनिवार को लोक आस्था का चार दिनी महापर्व डाला छठ संपन्न हुआ। उदित होते ही भगवान भास्कर को नदी, तालाब, सरोवर के पानी में लाखों व्रती महिलाओं ने अर्र्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु व परिवार के मंगल की कामना की। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न घाटों पर सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाओं ने घाट और घर पर बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद प्रसाद वितरण कर व्रत का पारण किया।
कार्तिक मास में सूर्य षष्ठी व्रत पर्व को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उत्साह दिखा। शुक्रवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने शनिवार की भोर में स्नान के बाद नदी, तालाब व सरोवर पर पारंपरिक गीत ‘कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय...’गीत गाती हुई विभिन्न टोलियों में घाटों पर पहुंची। जहां भगवान भास्कर का पूजन-अर्चन किया। तत्पश्चात उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कुछ व्रती महिलाएं पानी में घंटों खड़ी रहीं तो कुछ मन्नत पूरी होने पर घर से घाट तक लेट-लेट कर पहुंची।
इनसेट
इन घाटों पर रही सबसे अधिक भीड़
छठ पर्व पर सबसे अधिक भीड़ नगर के टाउन हाल, रामलीला मैदान, शनिचरी मंदिर, महावीर घाट, लाल घाट, हाइडिल कालोनी, हरपुर, मिड्ढी, बिचलाघाट, बेदुआ, राजपूत नेउरी, मिश्र नेउरी, गोशालारोड, भृगु आश्रम, आनंदनगर, संकट मोचन कालोनी, बहादुरपुर, नगर से सटे पौहारीपुर, निधरिया, अगरसंडा, मिड्ढा, भगवानपुर के घाटों पर देखने को मिला। उधर, भरौली, उजियार घाट, मझौवा, पचरूखिया गंगा घाट पर भीड़ उमड़ी रही। आलम यह रहा कि तीन बजे भोर से ही व्रती महिलाएं घाटों पर पहुंचने लगीं। इस दौरान बच्चों ने घाटों के पास जमकर पटाखे छोड़े। आग से बचाव के लिए विभिन्न समितियों द्वारा ड्रम में पानी तथा बोरियों में बालू भरकर रखा गया था। इसके अलावा ध्वनि यंत्र से समितियों द्वारा बार-बार सुरक्षा की चेतावनी दी जा रही थी तथा समिति के सदस्य एवं पुलिसकर्मी भ्रमण करते रहे।
विज्ञापन
-----------------
डाला छठ खबर में जोड़
--------------------------
विधायक व चेयरमैन ने व्रती महिलाओं से लिया आशीष
रसड़ा। भगवान भास्कर के आराधना का महापर्व डाला छठ (छठपूजा) का पर्व नगर सहित ग्रामीण अंचलों में श्रद्धा और हर्षोल्लास के वातावरण में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न हुआ। शुक्रवार की शाम कस्बा के श्रीनाथ बाबा सरोवर तथा ग्रामीण अंचलों में स्थित सरोवरों, तालाबों व नदी के तट पर भगवान भास्कर की विधिवत पूजन अर्चन के बाद महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया तथा शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर लोकमंगल की कामना की। श्रीनाथ बाबा सरोवर के पास विधायक उमाशंकर सिंह द्वारा व्रती महिलाओं का अभिवादन किया गया। आदर्श नगर पालिका की अध्यक्ष मोतीरानी सोनी व कार्यवाहक अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सोनी भी अपने कैम्प से व्रती महिलाओं से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक सौरभ कुमार राय एवं सिटी इंचार्ज प्रमोद कुमार सिंह अपने दलबल के साथ डटे रहे। उधर, रसड़ा बाहरी गांव के ग्राम प्रधान उमा सिंह द्वारा अपने गांव के गड़िया विद्यालय के पोखरे सहित आधा दर्जन गांव के पोखरे को लाइट, झालर, बत्ती, तंबू लगाकर छठ व्रतियों के लिए विशेष व्यवस्था किया गया था जो एक गांव एक उदाहरण पेश कर रहा था।
----------------
कुछ ने घाट तो कुछ ने घर पर मनाया छठ
दयाछपरा। मां कात्यायनी व भगवान भास्कर के सूर्यषष्ठी व्रत में महिलाओं ने शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देकर पारण किया। ग्राम सभा जगदेवा में कुछ माताओं ने देव मंदिर पर तो कुछ माताओं ने अपने दरवाजे पर ही छठ व्रत किया। वही ग्राम सभा गोपालपुर में माताओं ने कन्हई ब्रह्म बाबा स्थान के पास गंगा नदी के किनारे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन किया।
---------------
घाटों पर की गई थी आकर्षक सजावट
बेल्थरारोड। छठ पूजा पर व्रती महिलाओं ने नगर क्षेत्र के विभिन्न सरोवरों और सरयू नदी के घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन किया। इस दौरान बिचला पोखरा, पश्चिम पोखरा, नवकापूरा, विठुआ मार्ग स्थित सरोवरों के अलावा चैनपुर गुलौरा, तुर्तीपार, बेल्थराबाजार, हल्दीरामपुर आदि घाघरा नदी के विभिन्न तटीय स्थानों पर मेले जैसा दृश्य रहा। बिचला पोखरा पर भगवान भास्कर की मनोरम झांकी सजाई गई। नगर पंचायत चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त द्वारा व्रती महिलाओं की सुविधा के लिए इंतजाम किए गए। थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह और चौकी प्रभारी आरके सिंह सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रहे।
------------------------------
-------------------
घरों से ब्रह्मबेला में व्रती महिलाएं पहुंची छठ घाट
नगरा। पुत्र के दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व डाला छठ शनिवार को उदयाचल सूर्य को दूध से अर्घ्य देने के साथ ही समाप्त हो गया। प्रात: काल अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं अपने घरों से ब्रह्मबेला में ही छठ घाट पर पहुंच गईं। इस दौरान मंगल गीतों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। सूर्य को गाय के दूध से अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन हुआ और प्रसाद का वितरण किया गया।
--------------------
अर्घ्य देने के बाद बांटा प्रसाद
धर्मापुर। आस्था का पर्व डाला छठ शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। व्रती महिलाओं ने छठ घाट पहुंच कर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के सुख, समृद्धि, शांति एवं पुत्र के दीर्घायु की कामना की। क्षेत्र के सभी ग्रामीण इलाकों में कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाय.....आदि गीत गूंजते रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस मुश्तैद रही।
---------------------------
पारंपरिक गीत गाती पहुंची छठ घाट
बैरिया। कांच ही बांस के बहंगीया, बंहगी लचकती जाय..पारंपरिक गीत गाती हुई महिलाएं तीन बजे भोर से छठ घाट पर पहुंची, जहां उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगलमय की कामना की। क्षेत्र के बैरिया, रानीगंज, करमानपुर, तालिबपुर, जमालपुर शिवालय, दुर्जनपुर काली मंदिर व कोयलावीर बाबा स्थान, रामबालक बाबा घाघरा नदी के छाडन आदि स्थानों पर उगते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया और अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीष लेने के बाद पारण किया।
-------------
जल्दी-जल्दी उग हे सुरूज देव...
रतसर। छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान व व्रत के आखिरी दिन शनिवार को छठ व्रतियों ने तालाबों, पोखरों एवं सरोवरों पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। स्थानीय कस्बा सहित जनऊपुर, नूरपुर, अरईपुर, पड़वार बहादुर पुर अमडरिया छतवां आदि गांवों में सूर्योदय पर निर्जला व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
-----------
घाटों पर रही चहल पहल
सिकंदरपुर। स्थानीय कस्बा के चतुर्भुज नाथ का पोखरा, किला कोहना का पोखरा पर नगर पंचायत सिकंदरपुर, चकखान के गांधी इंटर कालेज स्कूल घाट, चेतन किशोर घाट, गांग किशोर घाट कठोड़ा, लीलकर, जमुई, नवरतनपुर, नवानगर, बंशी बाजार, मालदह, सिसोटार, आदमपुर आदि घाटों पर व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पारण किया। जिसके बाद चार दिवसीय महापर्व का समापन हुआ।
---------------------------
उगते सूर्य को अर्घ्य देकर किया पारण
नरही। स्थानीय गांव की व्रती महिलाओं ने मगई नदी के किनारे उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया। छठ पूजा के मद्देनजर क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर रोशनी की व्यवस्था की गई थी। शनिवार को तीन बजे भोर से ही महिलाओं की टोली पारंपरिक गीत गाती हुई घाट पर पहुंची। जहां महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
--------------------
भगवान भास्कर को अर्घ्य दे मांगा आशीष
बांसडीहरोड। क्षेत्र के बालखण्डी नाथ मंदिर, छाता पोखरा, चनंद्रपुरा, शीतल दवनी, शंकरपुर, बजहां, घघरौली, फुलवरिया आदि विभिन्न घाटों पर महिलाओं ने भगवान भास्कर के निकलने पर अर्घ्य दिया। इसके बाद महिलाओं ने अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात प्रसाद ग्रहण किया।
क्षेत्र के कई घाटों पर किया गया था आयोजन
मनियर। लोक आस्था का महापर्व डाला छठ उदयामान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न हो गया। मनियर कस्बे के परशुराम स्थान, चांदू पाकड़ पुल के पास, बड़ी बाजार, बहेरा नाले के किनारे चांदू पाकड़, बड़ी बाजार, मनियर उत्तर टोला, दार्रेपर, घाघरा नदी के तट पर नवका गांव, सांगापुर, एलासगढ़, गोंड़वली, छितौनी, ककरघट्टा, गंगापुर, गौराबंगही स्वर्गीय राम अवतार सिंह के पोखरा, गौरी शाहपुर खड़ेसरी के पोखरा, देवरार दह किनारे सहित आदि स्थानों पर छठ घाट पर महिलाओं ने पारम्परीक गीत गाते हुए पहुंची। जहां उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
-------------
विज्ञापन
डाला छठ: उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का किया पारण
पुत्र के दीर्घायु और परिवार के मंगल की कामना की, नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों विभिन्न घाटों पर व्रती महिलाओं ने दिया अर्ध्य
घाटों पर सतर्क रहे पुलिस के जवान, नदियों में गोताखोरों को किया गया था तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ शनिवार को लोक आस्था का चार दिनी महापर्व डाला छठ संपन्न हुआ। उदित होते ही भगवान भास्कर को नदी, तालाब, सरोवर के पानी में लाखों व्रती महिलाओं ने अर्र्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु व परिवार के मंगल की कामना की। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न घाटों पर सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाओं ने घाट और घर पर बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद प्रसाद वितरण कर व्रत का पारण किया।
कार्तिक मास में सूर्य षष्ठी व्रत पर्व को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उत्साह दिखा। शुक्रवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने शनिवार की भोर में स्नान के बाद नदी, तालाब व सरोवर पर पारंपरिक गीत ‘कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय...’गीत गाती हुई विभिन्न टोलियों में घाटों पर पहुंची। जहां भगवान भास्कर का पूजन-अर्चन किया। तत्पश्चात उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कुछ व्रती महिलाएं पानी में घंटों खड़ी रहीं तो कुछ मन्नत पूरी होने पर घर से घाट तक लेट-लेट कर पहुंची।
विज्ञापन
इनसेट
इन घाटों पर रही सबसे अधिक भीड़
छठ पर्व पर सबसे अधिक भीड़ नगर के टाउन हाल, रामलीला मैदान, शनिचरी मंदिर, महावीर घाट, लाल घाट, हाइडिल कालोनी, हरपुर, मिड्ढी, बिचलाघाट, बेदुआ, राजपूत नेउरी, मिश्र नेउरी, गोशालारोड, भृगु आश्रम, आनंदनगर, संकट मोचन कालोनी, बहादुरपुर, नगर से सटे पौहारीपुर, निधरिया, अगरसंडा, मिड्ढा, भगवानपुर के घाटों पर देखने को मिला। उधर, भरौली, उजियार घाट, मझौवा, पचरूखिया गंगा घाट पर भीड़ उमड़ी रही। आलम यह रहा कि तीन बजे भोर से ही व्रती महिलाएं घाटों पर पहुंचने लगीं। इस दौरान बच्चों ने घाटों के पास जमकर पटाखे छोड़े। आग से बचाव के लिए विभिन्न समितियों द्वारा ड्रम में पानी तथा बोरियों में बालू भरकर रखा गया था। इसके अलावा ध्वनि यंत्र से समितियों द्वारा बार-बार सुरक्षा की चेतावनी दी जा रही थी तथा समिति के सदस्य एवं पुलिसकर्मी भ्रमण करते रहे।
विज्ञापन
-----------------
डाला छठ खबर में जोड़
--------------------------
विधायक व चेयरमैन ने व्रती महिलाओं से लिया आशीष
रसड़ा। भगवान भास्कर के आराधना का महापर्व डाला छठ (छठपूजा) का पर्व नगर सहित ग्रामीण अंचलों में श्रद्धा और हर्षोल्लास के वातावरण में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न हुआ। शुक्रवार की शाम कस्बा के श्रीनाथ बाबा सरोवर तथा ग्रामीण अंचलों में स्थित सरोवरों, तालाबों व नदी के तट पर भगवान भास्कर की विधिवत पूजन अर्चन के बाद महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया तथा शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर लोकमंगल की कामना की। श्रीनाथ बाबा सरोवर के पास विधायक उमाशंकर सिंह द्वारा व्रती महिलाओं का अभिवादन किया गया। आदर्श नगर पालिका की अध्यक्ष मोतीरानी सोनी व कार्यवाहक अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सोनी भी अपने कैम्प से व्रती महिलाओं से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक सौरभ कुमार राय एवं सिटी इंचार्ज प्रमोद कुमार सिंह अपने दलबल के साथ डटे रहे। उधर, रसड़ा बाहरी गांव के ग्राम प्रधान उमा सिंह द्वारा अपने गांव के गड़िया विद्यालय के पोखरे सहित आधा दर्जन गांव के पोखरे को लाइट, झालर, बत्ती, तंबू लगाकर छठ व्रतियों के लिए विशेष व्यवस्था किया गया था जो एक गांव एक उदाहरण पेश कर रहा था।
----------------
कुछ ने घाट तो कुछ ने घर पर मनाया छठ
दयाछपरा। मां कात्यायनी व भगवान भास्कर के सूर्यषष्ठी व्रत में महिलाओं ने शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देकर पारण किया। ग्राम सभा जगदेवा में कुछ माताओं ने देव मंदिर पर तो कुछ माताओं ने अपने दरवाजे पर ही छठ व्रत किया। वही ग्राम सभा गोपालपुर में माताओं ने कन्हई ब्रह्म बाबा स्थान के पास गंगा नदी के किनारे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन किया।
---------------
घाटों पर की गई थी आकर्षक सजावट
बेल्थरारोड। छठ पूजा पर व्रती महिलाओं ने नगर क्षेत्र के विभिन्न सरोवरों और सरयू नदी के घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन किया। इस दौरान बिचला पोखरा, पश्चिम पोखरा, नवकापूरा, विठुआ मार्ग स्थित सरोवरों के अलावा चैनपुर गुलौरा, तुर्तीपार, बेल्थराबाजार, हल्दीरामपुर आदि घाघरा नदी के विभिन्न तटीय स्थानों पर मेले जैसा दृश्य रहा। बिचला पोखरा पर भगवान भास्कर की मनोरम झांकी सजाई गई। नगर पंचायत चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त द्वारा व्रती महिलाओं की सुविधा के लिए इंतजाम किए गए। थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह और चौकी प्रभारी आरके सिंह सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रहे।
------------------------------
-------------------
घरों से ब्रह्मबेला में व्रती महिलाएं पहुंची छठ घाट
नगरा। पुत्र के दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व डाला छठ शनिवार को उदयाचल सूर्य को दूध से अर्घ्य देने के साथ ही समाप्त हो गया। प्रात: काल अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं अपने घरों से ब्रह्मबेला में ही छठ घाट पर पहुंच गईं। इस दौरान मंगल गीतों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। सूर्य को गाय के दूध से अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन हुआ और प्रसाद का वितरण किया गया।
--------------------
अर्घ्य देने के बाद बांटा प्रसाद
धर्मापुर। आस्था का पर्व डाला छठ शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। व्रती महिलाओं ने छठ घाट पहुंच कर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के सुख, समृद्धि, शांति एवं पुत्र के दीर्घायु की कामना की। क्षेत्र के सभी ग्रामीण इलाकों में कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाय.....आदि गीत गूंजते रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस मुश्तैद रही।
---------------------------
पारंपरिक गीत गाती पहुंची छठ घाट
बैरिया। कांच ही बांस के बहंगीया, बंहगी लचकती जाय..पारंपरिक गीत गाती हुई महिलाएं तीन बजे भोर से छठ घाट पर पहुंची, जहां उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगलमय की कामना की। क्षेत्र के बैरिया, रानीगंज, करमानपुर, तालिबपुर, जमालपुर शिवालय, दुर्जनपुर काली मंदिर व कोयलावीर बाबा स्थान, रामबालक बाबा घाघरा नदी के छाडन आदि स्थानों पर उगते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया और अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीष लेने के बाद पारण किया।
-------------
जल्दी-जल्दी उग हे सुरूज देव...
रतसर। छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान व व्रत के आखिरी दिन शनिवार को छठ व्रतियों ने तालाबों, पोखरों एवं सरोवरों पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। स्थानीय कस्बा सहित जनऊपुर, नूरपुर, अरईपुर, पड़वार बहादुर पुर अमडरिया छतवां आदि गांवों में सूर्योदय पर निर्जला व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
-----------
घाटों पर रही चहल पहल
सिकंदरपुर। स्थानीय कस्बा के चतुर्भुज नाथ का पोखरा, किला कोहना का पोखरा पर नगर पंचायत सिकंदरपुर, चकखान के गांधी इंटर कालेज स्कूल घाट, चेतन किशोर घाट, गांग किशोर घाट कठोड़ा, लीलकर, जमुई, नवरतनपुर, नवानगर, बंशी बाजार, मालदह, सिसोटार, आदमपुर आदि घाटों पर व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पारण किया। जिसके बाद चार दिवसीय महापर्व का समापन हुआ।
---------------------------
उगते सूर्य को अर्घ्य देकर किया पारण
नरही। स्थानीय गांव की व्रती महिलाओं ने मगई नदी के किनारे उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया। छठ पूजा के मद्देनजर क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर रोशनी की व्यवस्था की गई थी। शनिवार को तीन बजे भोर से ही महिलाओं की टोली पारंपरिक गीत गाती हुई घाट पर पहुंची। जहां महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
--------------------
भगवान भास्कर को अर्घ्य दे मांगा आशीष
बांसडीहरोड। क्षेत्र के बालखण्डी नाथ मंदिर, छाता पोखरा, चनंद्रपुरा, शीतल दवनी, शंकरपुर, बजहां, घघरौली, फुलवरिया आदि विभिन्न घाटों पर महिलाओं ने भगवान भास्कर के निकलने पर अर्घ्य दिया। इसके बाद महिलाओं ने अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात प्रसाद ग्रहण किया।
क्षेत्र के कई घाटों पर किया गया था आयोजन
मनियर। लोक आस्था का महापर्व डाला छठ उदयामान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न हो गया। मनियर कस्बे के परशुराम स्थान, चांदू पाकड़ पुल के पास, बड़ी बाजार, बहेरा नाले के किनारे चांदू पाकड़, बड़ी बाजार, मनियर उत्तर टोला, दार्रेपर, घाघरा नदी के तट पर नवका गांव, सांगापुर, एलासगढ़, गोंड़वली, छितौनी, ककरघट्टा, गंगापुर, गौराबंगही स्वर्गीय राम अवतार सिंह के पोखरा, गौरी शाहपुर खड़ेसरी के पोखरा, देवरार दह किनारे सहित आदि स्थानों पर छठ घाट पर महिलाओं ने पारम्परीक गीत गाते हुए पहुंची। जहां उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
-------------