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Ballia News: गंगा बढ़ीं तो गांव घिरे, राहत की नाव अब भी किनारे

Sat, 22 Aug 2026 11:02 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:02 PM IST
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As the Ganges swelled, villages were surrounded; relief boats remain moored at the bank
मझौंवा क्षेत्र के सुघर छपरा गांव में घुसा बाढ़ का पानी।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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बलिया/मझौवां। गंगा नदी के लगातार उग्र रूप अख्तियार करने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। शनिवार को नदी का जलस्तर मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर को पार कर हाई फ्लड लेवल की ओर बढ़ने लगा। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तटवर्ती गांवों में अफरातफरी का माहौल है। वहीं प्रशासन का राहत कार्य नहीं पता चल रहा है। शहर के निचले इलाकों में पानी फैलने से फ्लड एरिया में बसे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। गायघाट गेज के अनुसार शनिवार शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर 58.770 मीटर दर्ज किया गया। नदी में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। गंगा खतरे के बिंदु 57.615 मीटर से 1.155 मीटर ऊपर बह रही है।
वहीं मझौवां के सुघर छपरा और उदई छपरा की बस्तियों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। प्राथमिक विद्यालय सुघर छपरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय केहरपुर भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, जिससे बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो गया है।
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सुघर छपरा गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर घुटने तक पानी भरने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। गंगा का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोग सुरक्षित ठौर तलाशने लगे हैं। गंगा के मुहाने पर बसे गांवों में नदी की धारा के बैक रोलिंग कटान का खतरा बढ़ गया है। पार्कोंपाइन विधि का कार्य भी गंगा के आगे घुटने टेका: मझौवां। चक्की नौरंगा में कटान पीड़ित रविंद्र ठाकुर, अभिनंदन ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, संजय ठाकुर ने बताया कि करोड़ों की परियोजनाओं में मानक की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। बताया कि करोड़ों की लागत से किया गया कटान रोधी कार्य के तहत 2300 मीटर में किया गया पार्कोंपाइन विधि का कार्य भी गंगा के आगे घुटने टेक दिया है।
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इन गांवों में बाढ़ का गहराने लगा बाढ़ का संकट
मझौवां। गंगा की बाढ़ से सुघर छपरा, दूबे छपरा ,गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, बड़का व छोटका बुधनचक, मठिया, मुरली छपरा, जगदेवा, पाण्डेयपुर, मिश्र के मठिया, चिन्तामणी राय के टोला, गुदरी राय के टोला, वंश गोपाल छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला, शतिघाट, भुसौला सहित चार दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराता नजर आ रहा है, जिससे 45 हजार की आबादी पर असर पड़ेगा।
पार्कोंपाइन विधि का कार्य भी गंगा के आगे घुटने टेका
मझौवां। चक्की नौरंगा में कटान पीड़ित रविंद्र ठाकुर, अभिनंदन ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, संजय ठाकुर ने बताया कि करोड़ों की परियोजनाओं में मानक की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। बताया कि करोड़ों की लागत से किया गया कटान रोधी कार्य के तहत 2300 मीटर में किया गया पार्कोंपाइन विधि का कार्य भी गंगा के आगे घुटने टेक दिया है।
आधा सेमी प्रतिघंटा खिसक रहा सरयू का जलस्तर
बेल्थरारोड। लाल निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं। जलस्तर में निरंतर घटाव का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम जलस्तर 64.48 मीटर दर्ज किया गया, जबकि लाल निशान 64.01 मीटर है। आयोग का कहना है कि आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी हो रही है।
सरयू की बाढ़ से घिरने लगे चार गांव, प्राथमिक विद्यालय में घुसा पानी
जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के चांददियर पंचायत के पियारी के डेरा, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा पूर्वी और पलटू नगर गांव सरयू नदी के बढ़ते बाढ़ के पानी से घिरते जा रहे हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती मांझी में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी की स्थिति को देखते हुए विद्यालय के सोमवार से बंद होने की संभावना जताई जा रही है। बैरिया तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पियारी के डेरा, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा पूर्वी और पलटू नगर के लिए फिलहाल एक नाव उपलब्ध कराई गई है।
गोपालनगर टाड़ी व धूपनाथ के डेरा में 500 मकान घिरे
बैरिया। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से गोपाल नगर टाड़ी शिवाल मठिया व धूपनाथ के डेरा मिलकर कुल 500 से अधिक मकान बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गोपाल नगर टाड़ी निवासी गणेश यादव, मुखराम यादव, बाबूराम यादव, गणेश प्रसाद यादव के अलावा शिवाल मठिया के धन जी चौधरी, गौरी चौधरी ने बताया कि प्रशासन की तरफ से भोजन की व्यवस्था तो की गई है, किंतु अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
बाढ़ की स्थिति अभी बहुत गंभीर नहीं है। फसल जरूर डूबी हैं। निचले इलाके की बस्तियां बाढ़ के पानी घिरी है, लेकिन इतना पानी नहीं है की नौका लगाया जाए। फिलहाल गोपाल नगर टाड़ी पर एक छोटी नाव की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। शिवाल मठिया, गोपाल नगर टाड़ी, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर में लेखपाल को मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। स्वयं प्रतिदिन मौके पर जाकर व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहा हूं। - शशि भूषण मिश्रा, उप जिलाधिकारी बैरिया

बाढ़ पीड़ितों को तत्काल पहुंचेगी राहत: सूर्यभान सिंह
बैरिया। उत्तरी दियरांचल के गोपाल नगर टाड़ी व गंगा उस पार के कटान पीड़ितों के बीच लंगर चलाने के साथ ही टाड़ी के कटान पीड़ितों में खाद्यान्न, नकद, सोलर लाइट हैंडपंप लगाने वाले भाजपा नेता सूर्यभान सिंह अब गंगा व सरयू नदी के बाढ़ पीड़ितों की मदद की। उन्होंने शनिवार को बैरिया में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार कटान पीड़ितों को हर संभव सरकारी सहायता प्रदान कर रही हैं।
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