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पॉक्सो एक्ट से बचने के लिए आर्मी जवान ने घटना को दिया था अंजाम

Wed, 20 Oct 2021 10:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 10:21 PM IST
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Army jawan did the incident to avoid POCSO act
पॉक्सो एक्ट मुकदमा से बचने के लिए पकड़ी थाना के पकड़ी निवासी आर्मी के जवान नीरज सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह ने सात अगस्त 2021 को सुखपुरा थाना क्षेत्र के अलावलपुर चट्टी स्थित चिरा बाबा स्थान के पास ट्रेन पकड़ने जाते वक्त स्वयं ही प्री प्लालिंग के तहत घटना को अंजाम दिया था। वहीं अपने पट्टीदारों को इस मामले में फंसाने का काम किया था। लेकिन पुलिस की विवेचना में वह स्वयं भी फंस गया। वहीं जिन पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया था वह निर्दोष पाए गए। पुलिस ने घायल जवान के विभाग को कार्रवाई करने के लिए पत्र भेज दिया है।
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आरोप था कि पकड़ी थाना के पकड़ी निवासी आर्मी के जवान नीरज सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह सात अगस्त 2021 की शाम सिलीगुड़ी ड्यूटी पर जाने के लिए अपने चचेरे भाई इंद्रजीत के साथ बुलेट से बलिया रेलवे स्टेशन आ रहा था। जैैसे ही वह सुखपुरा थाना क्षेत्र के अलावलपुर चट्टी स्थित चिरा बाबा स्थान के समीप पहुंचा, पकड़ी से ही बाइक से पीछा कर रहे दो बदमाशों ने ओवरटेक कर रोक दिया ओर जवान के पेट में गोली मार दी। बदमाश फरार हो गए। इस मामले में घायल की मां की तहरीर पर पुलिस ने पकड़ी निवासी सुंदरम सिंह पुत्र विकास देव सिंह और संजय सिंह मणि के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन जब पुलिस ने विवेचना किया तो उसमें घायल आर्मी का जवान ही प्री प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम देने का दोषी पाया गया। जबकि आरोपित पट्टीदार निर्दोष पाए गए। इस बाबत सीओ सिटी भूषण वर्मा ने बताया कि घटना की विवेचना समाप्त हो गई है। इस मामले में घायल जवान ने पाक्सो एक्ट के मुकदमा से बचने के लिए स्वयं ही प्री प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम दिया था और अपने पट्टीदारों को मुल्जिम बना दिया था। बताया कि जवान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उसके विभाग को पत्र भेज दिया गया है।
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आर्मी जवान समेत तीन पर था पाक्सो एक्ट का केस, छह माह काट चुका है जेल
घायल जवान नीरज ने पूछताछ में आरोप लगाया था कि वर्ष 2018 में आरोपी की बहन किसी के साथ भाग गई थी और उसके साथ शादी कर लिया था। जिसमें मुझे, मेरे चचेरे भाई व एक अन्य युवक को आरोपी बनाया था। जिसमें पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में छह माह पूर्व हम तीनों लोग जेल में थे। एक माह पूर्व कोर्ट से तीनों लोग रिहा किए। इसके बाद हम 23 जुलाई 2021 को सिलीगुड़ी ड्यूटी पर गया, जहां से ड्यूटी करने के बाद तीन अगस्त 2021 को कोर्ट में पेश होने के लिए दो अगस्त को गांव छुट्टी पर आया था। सात अगस्त को ड्यूटी पर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए जा रहा था कि गांव के ही युवकों ने गोली मार दी।
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