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Ballia News: ईरान में फंसे सभी लोग सकुशल घर पहुंचे
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रसड़ा। ईरान की धार्मिक यात्रा पर गए और तेहरान में फंस गए कस्बे के पांचों लोग मंगलवार को सुरक्षित घर लौट आए हैं। घर पहुंचने पर जान पहचान व परिजनों ने माला पहना कर स्वागत किया। सभी लोगों उन्होंने दोनों देशों की सरकारों के प्रति आभार जताया। कहा कि मोदी सरकार के कारण हमलोगों जैसे सैकड़ों लोग घर पहुंच सके हैं।
रसड़ा कस्बा निवासी सैयद असद अली बकर, सैयद मोहम्मद मुजतबा हुसैन, सैयद मोहम्मद अन, शमा जहां और सैयद नज्मुसकिब धार्मिक यात्रा पर ईरान गए थे। इसी बीच इजराइल व ईरान के युद्ध के कारण राजधानी तेहरान के होटल में फंस गए थे। उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को फोन पर दी थी। सपा सांसद सनातन पांडेय ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सभी लोगों को सकुशल देश वापसी की मांग की थी। ईरान में जियारत करके लौटे सैयद मोहम्मद मुजतबा हुसैन ने बताया कि उन सभी लोगों को धार्मिक यात्रा के सिलसिले में ईरान में सात दिन रहना था, लेकिन युद्ध के कारण पंद्रह दिन तक रहना पड़ा। बताया कि उनका समूह 28 मई को इराक पहुंचा था और उसके बाद वह सभी इराक से यात्रा पूरी कर सात जून को ईरान पहुंचे। ईरान में आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि बमबारी के बाद भी बाजारों में दुकानें खुली हुई थीं और इबादतगाहों पर लगातार लोगों की आवाजाही थी। सायरन बजते ही हम सभी लोगों में दहशत हो जाती थी। वहां की हालत बेहद खराब है। लगातार बमबारी से स्वदेश वापसी पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। कहा कि ईरान में भारतीय दूतावास बेहद सक्रिय है, मोदी सरकार नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर बेहद गंभीर हैं।
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रसड़ा कस्बा निवासी सैयद असद अली बकर, सैयद मोहम्मद मुजतबा हुसैन, सैयद मोहम्मद अन, शमा जहां और सैयद नज्मुसकिब धार्मिक यात्रा पर ईरान गए थे। इसी बीच इजराइल व ईरान के युद्ध के कारण राजधानी तेहरान के होटल में फंस गए थे। उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को फोन पर दी थी। सपा सांसद सनातन पांडेय ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सभी लोगों को सकुशल देश वापसी की मांग की थी। ईरान में जियारत करके लौटे सैयद मोहम्मद मुजतबा हुसैन ने बताया कि उन सभी लोगों को धार्मिक यात्रा के सिलसिले में ईरान में सात दिन रहना था, लेकिन युद्ध के कारण पंद्रह दिन तक रहना पड़ा। बताया कि उनका समूह 28 मई को इराक पहुंचा था और उसके बाद वह सभी इराक से यात्रा पूरी कर सात जून को ईरान पहुंचे। ईरान में आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि बमबारी के बाद भी बाजारों में दुकानें खुली हुई थीं और इबादतगाहों पर लगातार लोगों की आवाजाही थी। सायरन बजते ही हम सभी लोगों में दहशत हो जाती थी। वहां की हालत बेहद खराब है। लगातार बमबारी से स्वदेश वापसी पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। कहा कि ईरान में भारतीय दूतावास बेहद सक्रिय है, मोदी सरकार नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर बेहद गंभीर हैं।
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