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गर्म हवाओं के थपेड़ों से सभी बेहाल, पारा 40 के पार
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बलिया। पिछले कई दिनों से अधिकतम पारा 40 या उसके ऊपर बना हुआ है। गर्म हवाओं के थपेड़ों से घर से बाहर निकलने वाले लोग बेहाल हो रहे हैं। अप्रैल में ही लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का एहसास हो रहा है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन तपिश और गर्म हवाओं के थपेड़ों से सभी बेहाल दिखे। रात में मौसम ठंड तो दिन में आसमान से आग बरसने से बीमारियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। जानकारों का मानना है कि इसमें आने वाले दिनों में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
मार्च के अंतिम सप्ताह से ही हैरान कर देने वाले मौसम के इस तेवर का लोगों की सेहत पर तो असर देखा ही जा रहा है। इससे फसलों की भी हालत पतली हो गई है। किसानों का कहना है कि गेहूं की पैदावार घट सकती है। दाने मजबूत होने से पहले ही बालियां सूख रही हैं। मौसम विभाग की माने तो अप्रैल भर तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी की आपूर्ति के लिए सब्जियों की फसलों की समय-समय पर सिंचाई करते रहें। पशुओं को दिन में दो-तीन बार पानी अवश्य पिलाते रहें।
ऐसे रखें सेहत का ख्याल
डॉ. आरके झा ने बताया कि बदलते मौसम में इन दिनों दस्त, डायरिया, जुकाम, बुखार, आंखों में जलन, पेट दर्द जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। जिन लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां जल्दी होती हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू और आंवले का सेवन करें। मौसम में परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ता है। बच्चे ठंडी चीजों का सेवन करते हैं और ठंडे पानी से नहाते हैं। इससे वे जल्दी खांसी, जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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लू से शरीर को बचाएं
खुले शरीर धूप में न निकलें। अगर निकलना ही पड़े तो धूप में निकलने पर सिर अवश्य ढंके। अचानक ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह न जाएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। लू लगने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बुखार तेज होने पर रोगी को ठंडी खुली हवा में आराम करवाना चाहिए।
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मार्च के अंतिम सप्ताह से ही हैरान कर देने वाले मौसम के इस तेवर का लोगों की सेहत पर तो असर देखा ही जा रहा है। इससे फसलों की भी हालत पतली हो गई है। किसानों का कहना है कि गेहूं की पैदावार घट सकती है। दाने मजबूत होने से पहले ही बालियां सूख रही हैं। मौसम विभाग की माने तो अप्रैल भर तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी की आपूर्ति के लिए सब्जियों की फसलों की समय-समय पर सिंचाई करते रहें। पशुओं को दिन में दो-तीन बार पानी अवश्य पिलाते रहें।
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ऐसे रखें सेहत का ख्याल
डॉ. आरके झा ने बताया कि बदलते मौसम में इन दिनों दस्त, डायरिया, जुकाम, बुखार, आंखों में जलन, पेट दर्द जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। जिन लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां जल्दी होती हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू और आंवले का सेवन करें। मौसम में परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ता है। बच्चे ठंडी चीजों का सेवन करते हैं और ठंडे पानी से नहाते हैं। इससे वे जल्दी खांसी, जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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लू से शरीर को बचाएं
खुले शरीर धूप में न निकलें। अगर निकलना ही पड़े तो धूप में निकलने पर सिर अवश्य ढंके। अचानक ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह न जाएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। लू लगने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बुखार तेज होने पर रोगी को ठंडी खुली हवा में आराम करवाना चाहिए।